14वें वित्त आयोग के तहत रियासत में पंचायतों के विकास पर 3464 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय के सचिव एसएम विजयानंद ने शुक्रवार को राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में जानकारी दी कि केंद्र सरकार पंचायतों के विकास के लिए पांच साल में चरणबद्ध तरीके से यह राशि जारी करेगी।
रियासत को इस साल 373 रुपये करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। यह सीधे पंचायतों को जारी किए गए हैं ताकि मनरेगा के तहत इसका उपयोग हो सके। बैठक के दौरान केंद्रीय सचिव ने इस बात पर बल दिया कि मनरेगा के तहत प्राप्त धनराशि का अधिकाधिक उपयोग करने के लिए समन्वित प्लान बनाने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि 14वें वित्त आयोग के तहत ग्रांट सेवाओं की गुणवत्ता पर भी मिलेगा। 90 फीसदी धनराशि तो ग्रांट के रूप में राज्य को उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन 10 प्रतिशत धनराशि कार्य के आधार पर जारी होगी।
उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर के प्लान तत्काल तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंचायतों को अपनी प्राथमिकता निर्धारित करनी चाहिए ताकि स्थानीय लोगों को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके लिए पंचायतों को अपने संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए।
ग्रामीण विकास विभाग के सेक्रेटरी खुर्शीद अहमद शाह ने बताया कि विभाग पंचायतों के विकास के लिए पहले से ही कई योजनाएं संचालित कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत के विकास के लिए विकास योजना को प्रभावी तरीके से तैयार किया जाएगा। बैठक मे विभाग के निदेशक तशादुक जिलानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।