कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों के विलय का काम तेजी से किया जा रहा है। जम्मू जिले में अभी तक 310 सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों का विलय हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल में किया जा चुका है।
इन स्कूलों के स्टाफ को कम स्टाफ वाले सरकारी स्कूलों में ट्रांसफर किया गया है। शिक्षा विभाग का कहना है कि कम विद्यार्थियों की संख्या वाले अन्य स्कूलों की भी पहचान की जा रही है।
नई सरकार के पहले विधानसभा सत्र में शिक्षा मंत्री ने खुलासा करके बताया था कि राज्य में सैकड़ों की संख्या में ऐसे सरकारी स्कूल हैं, जिनमें विद्यार्थियों की संख्या 20 से कम हैं, जबकि शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता से ज्यादा।
इसके बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए कम संख्या वाले स्कूलों के विलय करने का काम शुरू किया। विलय हुए प्रत्येक स्कूल में छह के करीब शिक्षक थे। स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर होने के कारण सभी शिक्षक बिना किसी मेहनत के पूरा वेतन हासिल कर रहे थे।
जिन स्कूलों का विलय हुआ है, उन स्कूलों के ज्यादातर शिक्षकों को स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूलों में भेजा गया है। चीफ एजूकेशन अफसर जम्मू जेके सूदन ने कहा कि शिक्षा विभाग में फैली अव्यवस्था को सुधारने के लिए प्रयास चल रहे हैं।