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जम्मूः व्यापारियों के कश्मीर में फंसे 300 करोड़, संपर्क न हो पाना बन रही वजह

Wed, 11 Sep 2019 06:33 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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हाल-ए-कश्मीर - फोटो : बासित जरगर
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद उत्पन्न हुए हालात के चलते जम्मू के प्रमुख बाजारों के व्यापारियों का घाटी में करीब तीन सौ करोड़ रुपये का भुगतान फंसा हुआ है। घाटी में पिछले एक माह से इंटरनेट सेवा बंद है। ज्यादातर व्यापारियों के पास लैंडलाइन फोन नहीं है। ऐसे में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। जम्मू के व्यापारियों का कहना है कि वित्तीय संकट की स्थिति में सरकार को बैंक कर्ज के ब्याज में छूट देनी चाहिए।
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जम्मू के प्रमुख वेयर हाउस, नेहरू मार्केट, शिव मार्केट से पूरे राज्य में होलसेल की सप्लाई होती है। जम्मू संभाग के अलावा कश्मीर में व्यापारियों के साथ निरंतर संपर्क बने रहने से कारोबार चलता है। लेकिन पिछले एक माह से इंटरनेट सेवा बंद रहने और पाबंदियों के पूरी तरह से न हटने के कारण जम्मू के व्यापारियों को भी प्रभावित होना पड़ा है। उनका कहना है कि प्रमुख होलसेल मार्केट से करोड़ों रुपये का घाटी से भुगतान रुका हुआ है। उनसे संपर्क नहीं हो पाने से किसी प्रक्रिया पर काम भी नहीं हो रहा है। 

ट्रेडर्स फेडरेशन नेहरू मार्केट के महासचिव दीपक गुप्ता ने कहा कि वेयर हाउस के व्यापारी विकट परिस्थितियों में भी सहयोग देते रहे हैं। घाटी में जब 2014 में भीषण बाढ़ आई थी, तब भी जम्मू के व्यापारियों ने उनका पूरा सहयोग किया था। उन्हें सभी तरह की माल सप्लाई करने का आश्वासन देकर दिया भुगतान हालात सामान्य होने पर करने को कहा गया था। 
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उन्होंने कहा कि देश हित के लिए सरकार के किसी भी फैसले का व्यापारी समर्थन करते रहे हैं। लेकिन सरकार को कोई उचित प्रयास करके घाटी में फंसी व्यापारियों की राशि के भुगतान पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा कश्मीर के व्यापारी भी भुगतान के लिए कोशिश करें। उन्होंने सरकार से मांग की कि जब तक जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाते, व्यापारियों को बैंक कर्ज के ब्याज पर छूट दी जाए।  
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