जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदली हुई परिस्थितियों के बीच फिल्मों की शूटिंग के लोकेशन तलाशने मुंबई से प्रोड्यूसर गिल्ड के 24 सदस्यों का दल बुधवार को तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचा है। यह दल इस दौरान कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्सों में बेहतर लोकेशन देखने भी जाएगा। इस दल के यहां आने से एक बार फिर कश्मीर घाटी में लाइट, कैमरा, एक्शन की आवाज फिर सुनाई देने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कश्मीर घाटी में 1990 से पहले व्यापक पैमाने पर फिल्मों की शूटिंग होती थी। आतंकवाद बढ़ने के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने कश्मीर के बजाए हिमाचल को अपनी पहली पसंद बना लिया। इसका असर कश्मीर घाटी में फिल्मों के कामकाज पर पड़ा और यहां शूटिंग लगभग बंद हो गई।
वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद नए जम्मू-कश्मीर में प्रदेश सरकार ने उद्योग धंधों को विकसित करने की कोशिश शुरू कर दीं। पिछले इतिहास को देखते हुए प्रदेश सरकार ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से संपर्क बढ़ाने का काम शुरू किया। प्रदेश के अधिकारियों ने मुंबई में संपर्क किया यहां की बदली हुई परिस्थितियों से अवगत कराया। प्रोड्यूसर गिल्ड के 24 सदस्यों का आगमन इसी कड़ी का हिस्सा
माना जा रहा है।