भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आए विभिन्न तंजीमों के 200 आतंकियों को उनके ठिकानों पर घुस कर मारा है। इनमें स्थानीय आतंकियों के अलावा सीमा पार के दहशतगर्द भी शामिल हैं। पुलवामा और शोपियां में सबसे ज्यादा 49-49 आतंकी मारे गए हैं। कुलगाम में 23, श्रीनगर में 19 और अनंतनाग में 17 आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों की गोली का निशाना बने हैं।
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन के सर्वाधिक 72 आतंकी मारे गए हैं। लश्कर-ए-तैयबा के 59 और जैश-ए-मोहम्मद के 37 आतंकियों को खत्म कर दिया गया। आतंकियों को मार गिराने वाली स्पेशल ऑपरेशन टीम का हिस्सा रहे एक अधिकारी बताते हैं कि इस साल अभी तक जितने आतंकी मारे गए हैं, उसके लिए विशेष ऑपरेशन शुरू किया गया था।
सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास जो भी खुफिया अलर्ट आता था, उसे कई बार क्रॉस चेक कर आतंकियों के ठिकाने पर जाकर हमला बोला जाता था। खास बात यह रही कि खुफिया रिपोर्ट के आधार पर हुए अधिकांश ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक नवंबर तक अनंतनाग में 17, बांदीपोरा में 2, बारामूला 14, बडगाम 5, डोडा 2, गांदरबल 1, जम्मू 3, किश्तवाड़ 2, कुलगाम 23, कुपवाड़ा 12, पुलवामा 49, राजौरी 2, शोपियां 49 व श्रीनगर में 19 आतंकियों को मारा गया है। पुलवामा में हिजबुल मुजाहिदीन के 14 और शोपियां में 30 आतंकी मारे गए हैं।
जनवरी में 18, फरवरी 7, मार्च 7, अप्रैल 28, मई 15, जून 49, जुलाई 21, अगस्त 18, सितंबर 15, अक्तूबर 21 और नवंबर माह में पहली तारीख को एक आतंकी मारा गया है। पहली नवंबर तक मारे गए आतंकियों में हिजबुल मुजाहिदीन के 72, लश्कर-ए-तैयबा के 59, जैश-ए-मोहम्मद के 37, अल-बदर/एलटी के 6, अंसार गजवत-उल हिंद के 10 और आईएस/जेके से जुड़े 7 आतंकी शामिल हैं। इनके अलावा 9 ऐसे दहशतगर्द भी मारे गए हैं, जिनकी पहचान किसी तंजीम में नहीं हो सकी।