कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए अपने जान की कुर्बानी देने वाले दो सैन्य अफसरों को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। मेजर मुकुंद वरदाराजन और नायक नीरज कुमार क्रमश: शोपियां और कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
उक्त जानकारी उधमपुर स्थित सेना के प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने दी। उन्होंने बताया कि नीरज कुमार के नाम की घोषणा रविवार को की गई, जबकि मुकुंद का इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चयन 15 अगस्त 2014 को ही कर लिया गया था।
25 अप्रैल 2014 को शोपियां के एक गांव में तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलने के बाद मेजर मुकुंद ने टीम के साथ घेरा डाला। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल के पास से नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और फिर आतंकियों पर हमला कर एक को मार गिराया।
इसी दौरान अन्य आतंकी ने मेजर पर फायर कर दिया। घायल अवस्था में उन्होंने एक अन्य आतंकी को मार गिराया। इसके बाद वे शहीद हो गए।