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पीडीपी : सात विधायक महबूबा से नहीं मिले, बागी विधायक स्टैंड पर कायम
हेडिंग...
21 विधायकों ने महबूबा के नेतृत्व पर जताया भरोसा
क्रासर....
-दिल्ली से लौटने के बाद पीडीपी सदर से की मुलाकात
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। पार्टी में बगावत झेल रही पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के लिए थोड़ी राहत वाली खबर है। पीडीपी के 21 विधायकों ने दिल्ली से लौटने के बाद महबूबा से मुलाकात कर उनके नेतृत्व में भरोसा जताया है। कुल 28 विधायकों में से सिर्फ सात महबूबा से नहीं मिले। पांच विधायकों और एक एमएलसी ने पहले ही सार्वजनिक रूप से बयान देकर महबूबा के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। महबूबा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाने वाले पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी ने कहा है कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। महबूबा शनिवार को दिल्ली से श्रीनगर लौटीं।
गौरतलब है कि कुछ विधायकों की बगावत के बाद पीडीपी में विभाजन की अटकलें लगाई जाने लगीं थीं। भाजपा द्वारा पीडीपी के बागी गुट से मिलकर सरकार बनाए जाने की चर्चा भी तेज रही। बाद में भाजपा महासचिव राम माधव ने इन अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा गवर्नर शासन को जारी रखने के पक्ष में है। इससे पहले पीडीपी द्वारा कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की चर्चा थी। कांग्रेस और पीडीपी दोनों ने इन चर्चाओं को खारिज कर दिया।
निजी हित के लिए विरोध नहीं किया : अंसारी
विरोध का झंडा उठाए पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी ने कहा है कि पीडीपी में नेतृत्व ही असली समस्या है। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी निजी हित के लिए नहीं है। हमने पार्टी में परिवारवाद पर चिंता जाहिर की है। हम अपनी जगह कायम हैं। अंसारी के अनुसार, पीडीपी में मामला नेतृत्व को लेकर है और वह इस मामले में अपने पक्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
बगावत करने वालों में ये हैं शामिल
भाजपा के समर्थन वापस लेने के बाद गठबंधन सरकार के गिरने व रियासत में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद पीडीपी के करीब पांच विधायक और एक एमएलसी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए बगावत कर चुके हैं। बगावत करने वाले विधायकों में आबिद अंसारी, इमरान अंसारी, अब्बास वानी, अब्दुल मजीद पाडर, जावेद बेग समेत एमएलसी यासिर रेशी शामिल हैं।