शहर के एक निजी स्कूल में हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (एचएफएमडी) यानी टोमेटो फ्लू बीमारी से 13 बच्चे संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद स्कूल ने नर्सरी और केजी की कक्षाएं बंद कर दी हैं। शुक्रवार को कुछ और मामले सामने आए हैं इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि स्कूल का दावा है कि इस बीमारी के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को अलर्ट जारी कर लोगों से एहतियात बरतने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग कश्मीर के मुताबिक अभी तक केवल एक निजी स्कूल से टोमेटो फ्लू के संक्रमण की रिपोर्ट मिली है।
संबंधित अधिकारियों को प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस साल अगस्त में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस बीमारी के बारे में सचेत करने के साथ निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए थे। टोमेटो फ्लू अत्यधिक संक्रामक रोग है और यह एंटरोवायरस जीनस के वायरस के कारण होता है।
यह एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। उन्होंने बताया कि इस रोग के लक्षण मुंह में छाले या घाव और हाथों और पैरों पर दाने होते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि यह संक्रमण सभी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में ज्यादा होता है।
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इस बीच स्वास्थ्य विभाग के जिला निगरानी इकाई इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम श्रीनगर ने इस संबंध में एक एडवाइजरी जारी कर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा है। इस एडवाइजरी में संक्रमित बच्चों को गैर संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से दूर रखने के साथ खिलौने, कपड़े, भोजन या अन्य वस्तुओं को साझा करने से रोकने की सलाह दी है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि टोमेटो फ्लू की चपेट में आ चुके बच्चे अथवा बड़े छालों को खरोंचें या रगड़ें नहीं। मरीज को खूब पानी, दूध या जूस पीने के लिए प्रेरित कर हाइड्रेटेड रखने की कोशिश करें। फिलहाल टोमेटो फ्लू के उपचार या रोकथाम के लिए कोई दवा या टीका उपलब्ध नहीं हैं।
सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल में
एचएफएमडी बच्चों में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है। हाल के महीनों में दिल्ली एनसीआर, चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी, केरल और कर्नाटक में इसके मामले रिपोर्ट हुए हैं। कई जगह तो बच्चों को स्कूल भेजने पर भी रोक लगाई गई है।
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नेशनल सेंटर फॉर बायोटेकभनोलॉजी इन्फॉर्मेशन के जर्नल में छपे एक शोध पत्र के अनुसार भारत में इस बीमारी का पहला मामला वर्ष 2007 में रिपोर्ट हुआ था। पश्चिम बंगाल में एचएफएमडी के सबसे ज्यादा मामले सामने आते रहे हैं।
केंद्र सरकार की ओर से अगस्त में जारी की गई एडवाइजरी को बाद कश्मीर में पहली बार टोमेटो फ्लू के इतने मामले एक साथ सामने आए हैं। लोगों को संक्रमण से बचाव के तरीके बताए गए हैं। एहतियात ही फिलहाल बचाव है। - डॉ. मीर मुस्ताक प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग कश्मीर।