जम्मू-कश्मीर लगभग कोविड मुक्त हो चुका है। प्रदेश के बीस जिलों में से 15 में कोई सक्रिय मामला नहीं है और अन्य पांच में भी इक्का-दुक्का मामले सामने आ रहे हैं। प्रदेश में सिर्फ 10 ही सक्रिय मामले हैं। दैनिक आधार पर भी न के बराबर ही केस मिल रहे हैं। इस बार कोविड-19 की चौथी लहर से राहत रही और सीमित मौतें ही हुई हैं।
दैनिक आधार पर प्रदेश में 1500 से ज्यादा कोविड परीक्षण किए जा रहे हैं। सार्वजनिक स्थलों पर अब लोग कोविड को लगभग भूल चुके हैं। जम्मू-कश्मीर में वीरवार को कोई कोविड का संक्रमित मामला नहीं मिला। कश्मीर संभाग में राजधानी श्रीनगर, बड़गाम, कुपवाड़ा, अनंतनाग, बांदीपोरा, गांदरबल और शोपियां में कोई सक्रिय मामला नहीं है।
इसी तरह जम्मू संभाग में राजोरी, डोडा, कठुआ, सांबा, किश्तवाड़, पुंछ, रामबन और रियासी में भी कोई सक्रिय मामला नहीं है। मौजूदा समय में बारामुला, पुलवामा, कुलगाम, उधमपुर में 1-1 और जम्मू में 6 सक्रिय मामले हैं। पूरे प्रदेश में सक्रिय दस मामलों में जम्मू संभाग से 7 मामले हैं।
पहली दो लहरों के दौरान कोविड के डेल्टा आदि म्यूटेशन ने जमकर कहर बरपाया था। कोविड के पीक के दौरान दैनिक आधार पर 80 से 85 मौतें भी हुई थीं और हजारों संक्रमित मामले एक ही दिन में मिलते थे। लेकिन तीसरी और चौथी लहर में कोविड लगभग शांत रहा है।
इस साल भी लग रहा था कि चौथी लहर में संक्रमण का तेजी से प्रसार होगा, लेकिन देश में संक्रमण का प्रसार अचानक बढ़ने के बावजूद अधिक मौतें नहीं हुई। इसका एक बड़ा कारण अधिकांश आबादी को कोविड टीके की दो खुराक का लग जाना था, जिससे मानव शरीर की शारीरिक क्षमता वारयस से लड़ने के लिए मजबूत रही।
जम्मू-कश्मीर की बात करें तो अब तक कोविड की सभी लहरों में कुल 4792 मौतें हुई हैं, जिनमें जम्मू संभाग में 2359 और कश्मीर संभाग में 2433 लोगों ने जान गंवाई। हालांकि, अनाधिकारिक तौर पर यह आंकड़ा अधिक है।