उधमुपर। बिरमा पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद सेना की तरफ से तैयार किए गए बैली पुल पर वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया गया है। पुराने पुल पर दरारें पड़ गई है और अब इसका इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है। सोमवार शाम को सेना, बीआरओ और प्रशासन के अधिकारियों ने पुल का निरीक्षण किया। दरारें देखने के बाद पुल पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद करने का आदेश जारी कर दिया। अब बीआरओ की तरफ से बैली पुल के जरिए ही दोनों तरफ आवाजाही चल रही है। इससे अब जाम की समस्या बढ़ गई है।
करीब तीन महीने पहले बिरमा इलाके में करीब 50 वर्ष पुराना बिरमा पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। प्रशासन ने सेना के साथ संपर्क कर पुराने पुल के ऊपर ही बैली पुल का निर्माण किया और वाहनों की आवाजाही को शुरू करवाया। इस पुल पर केवल कार, दो पहिया वाहन, सेना के वाहन और मेटाडोर को चलने की अनुमति दी गई। जबकि लोड कैरियर और बसों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध रखा गया। करीब सप्ताह पहले सीमेंट से भरे डंपर ने जबरदस्ती पुल से गुजरने का प्रयास किया तो बैली पुल का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
इसके बाद दिन भर वाहनों की आवाजाही बंद रही। लेकिन सोमवार को पुराने पुल पर ही बड़ी बड़ी दरारें देखने को मिली है। लोगों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद शाम करीब चार बजे सेना, बीआरओ और प्रशासन की टीम पुल का निरीक्षण करने के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने पुल की दरारें देखने के बाद तुरंत वाहनों की आवाजाही को बंद करने का आदेश जारी कर दिया। अब वाहनों की आवाजाही बीआरओ की तरफ से तैयार बैली पुल के जरिए चल रही है। इससे जाम की समस्या बन गई है। पुल पर एक समय में एक तरफ से ही वाहन चल सकते हैं। इसलिए बारी बारी से दोनों तरफ से वाहनों को छोड़ा जा रहा है और इससे पुराने राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। इससे शहर के अंदर भी यातायात प्रभावित हो गया है।