कशीराह पंचायत के वार्ड छह में घर-घर नल से जल का सपना आज भी अधूरा
90 घरों के लोग आज भी बावलियों से पानी ढोकर बुझा रहे प्यास
60 घरों में आजतक पानी के कनेक्शन नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। शहर से सटी पंचायत कशीराह के वार्ड छह के बरयाल गांव की अधिकतर आबादी आज भी पेयजल सुविधा के प्राकृतिक जलाशयों पर निर्भर हैं। दशकों बाद भी अधिकतर लोगों के घरों में नल से जल का सपना साकार नहीं हो पाया है।
पीने और घर की अन्य जरूरतों के लिए लोगों को आसपास मौजूद बावलियों से ही पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि शहर के बिल्कुल साथ सटे इस गांव में लगभग 90 के करीब घर हैं, जिनमें से अधिकतर बिना कनेक्शन के हैं। यहां घर में पानी की जरूरत सभी को है और सभी चाहते हैं कि उन्हें भी बिना किसी परेशानी के घर में पीने का साफ पानी उपलब्ध हो।
लेकिन, उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि, कुछ घरों में पहले से कनेक्शन लगाए गए हैं, लेकिन 60 से अधिक घर ऐसे हैं, जहां आज भी कनेक्शन हैं। इन लोगों को पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
77 साल गुजर चुके हैं, लेकिन अभी तक पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है। वृद्धावस्था में भी बावली से पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। इसमें परेशानी काफी ज्यादा है, लेकिन उनके पास और कोई चारा भी नहीं हैं। प्रशासन से मांग है कि जल्द कनेक्शन देकर राहत पहुंचाए।
-फलौती राम, स्थानीय निवासी
आसपास बावलियां तो बहुत हैं, लेकिन इनसे पानी ढोकर लाने में समय की काफी बर्बादी होती है। दिनचर्या भी प्रभावित होती है। घरों में पानी के कनेक्शन लगवाने के लिए प्रशासन से लंबे समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है।
-बोध राज, स्थानीय निवासी
घर में पेयजल कनेक्शन सुविधा बहुत जरूरी है। बेशक यहां आसपास बावलियां मौजूद हैं, लेकिन फिर भी महिलाओं को कपड़े धोने और नहाने आदि को लेकर भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घर में शौचालयों के लिए पानी का प्रबंध करना भी मुश्किल होता है।
-गोला राम, स्थानीय निवासी
हर घर में नल का स्वच्छ जल पहुंचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार प्रयास भी किए जा रहे हैं। जल जीवन मिशन योजना को यहां शुरू किया गया है। इसके पूरा होते ही यहां हर घर में नल से जल सुविधा प्रदान की जाएगी। घर में पेयजल कनेक्शन के बिना लोगों को खासकर बीमार बुजुर्गों को काफी परेशानी है।
-साहिल भगत, पूर्व सरपंच
पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए यहां जेजेएम के तहत नौ करोड़ की परियोजना पर काम किया जा रहा है। 2023 में परियोजना पर काम शुरू किया गया था, जो अब अंतिम चरण में है। आगामी दो महीने में काम के पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद बरयाल सहित पूरी पंचायत में लोगों की समस्या का निदान हो जाएगा।
- प्रखर गुप्ता, जेई, कशीराह, जलशक्ति विभाग