फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: पीड़ित परिवारों की मदद को पहुंची प्रशासनिक टीमें, कई लोगों को अभी भी इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

उधमपुर। लगातार तीन दिन तक हुई भारी बारिश से कई कच्चे व पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से विशेष टीमों का गठन कर पीड़ित परिवारों को सहायता पहुंचाई जा रही है लेकिन अभी भी कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पर मदद नहीं पहुंची।
पंचायत लाड़, सत्यालता, लोअर बरमीन, अप्पर बरमीन, पठ्ठी, चन्नी मोड़, सतैनी, जगानू, डिब्बर, करलाह, जिब, कैंबल डंगा, जखैनी, बली नाला, समरोली, थर्ड, संबल, पखलाई, घोरड़ी सहित तहसील पंचैरी में पड़ते कई क्षेत्रों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पंचायत बरमीन के गौंठ में बने स्कूलों को भी नुकसान पहुंचा है। शहर के वार्ड नंबर पांच, 10 और 17 में भी कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा है। पूर्व सरपंच लाड़ मदन लाल शर्मा ने बताया कि उनकी पंचायत में संटू, मंजूर अहमद, मुंशी राम, संसार चंद सहित अन्य लोगों के तकरीबन 10 के करीब कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
विज्ञापन

प्रभावित लोगों को स्कूलों व पंचायत घरों में रखा गया है। पंचायत सत्यालता के पूर्व सरपंच यशपाल ने बताया कि उनके क्षेत्र में लगभग 20 कच्चे व पक्के मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वह रहने लायक नहीं है। अप्पर बरमीन के रहने वाले अविरल महाजन ने बताया कि तीन दिनों तक लगातार हुई भारी बारिश के चलते उनकी पंचायत में पड़ते गौंठ में स्थित सरकार प्राइमरी स्कूल को काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि स्कूल के साथ लगते बरसाती नाले में बाढ़ आने के कारण स्कूल की दीवारें, छत टूटने के कगार पर पहुंच गई हैं।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रहने वाले अभय राम, जीवन सिंह सहित अन्य कई लोगों के कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा हे। बरमीन तारणु सड़क मार्ग में किया गया क्रेट वर्क पुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि कानसर मोड़ में बाढ़ की वजह से पूरे गांव की खड़ी फसल तबाह हो गई है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर लोअर बरमीन में भी माता वरमोती का प्राचीन मंदिर है जिसे बारिश के चलते काफी नुकसान हुआ है।
मंदिर का पूरा रास्ता बह गया है और बिजली के लगे खंभे भी टूट गए है। मंदिर जाने वाले रास्ते में पड़ते नाले के पास गांव का श्मशानघाट था वह भी नाले में पानी आने से बह गया है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र में पड़ने वाले मोहरा कोट में रहने वाले अनिल कुमार, संजय कुमार सहित अन्य कई लोगों मकानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर आकर हुए नुकसान का जायजा लेने की मांग के साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन

कोट..
प्रशासन लगातार पीड़ित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम कर रहा है। विशेष टीमों का गठन कर विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया है। अभी तक जिले में कितने मकान बारिश की चपेट में आने से गिरे हैं उसकी रिपोर्ट बनाई जा रही है। कई क्षेत्रों में मार्ग बंद होने के कारण भी टीमों को पहुंचने में दिक्कत आ रही है। टीमें जल्द ही सभी पीड़ित परिवारों तक पहुंच जाएंगी। -जय सिंह, तहसीलदार, उधमपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें