उधमपुर। चिनैनी स्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने तेज रफ्तार वाहन चलाकर दूसरों की जान को खतरे में डालने से जुड़े एक मामले में शुक्रवार को आरोपी को एक हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई और भविष्य में ऐसा कृत्य न करने की चेतावनी भी दी।
आरोपी संजय कुमार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 279 के तहत तेज गति से वाहन चलाना और धारा 337 के तहत दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य के माध्यम से चोट पहुंचाने के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई थी। अदालत ने आरोपी को दोषी होने की दलील के परिणाम के बारे में आगाह किया। आरोपी ने अपना पक्ष रखा और उसका स्वीकारोक्ति बयान दर्ज किया गया। अदालत ने आरोप पत्र और आरोपी के इकबालिया बयान के आधार पर धारा 279 के तहत आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाया जिससे पता चला कि वह लापरवाही से गाड़ी चला रहा था और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाल रहा था। अदालत ने धारा 337 के तहत आरोप हटा दिया।
अभियुक्त के पहली बार अपराधी होने, पश्चाताप और एकमात्र कमाने वाले होने को ध्यान में रखते हुए अदालत ने उदारता का रुख अपनाया। धारा 279 आईपीसी के तहत अभियुक्त को 1000 रुपये का जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई, जिसे उसने जमा कर दिया। आरोपी को भविष्य में ऐसे कृत्य न करने की चेतावनी दी गई है। संवाद