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पागल हुई घोड़ी, दो को घायल किया

Fri, 13 Mar 2015 12:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
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बच्चों के प्रति ममता कभी-कभार इंसानों में भले मर जाए, मगर जानवरों में कभी नहीं मरती। ऐसा ही एक अद्भुत उदाहरण देखने को मिला दंत्याल में। एक अश्व शावक अपनी मां से कहीं बिछुड़ गया। इससे घोड़ी पागल हो गई।
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वह बच्चे की तलाश में बेकाबू हो गई। उसने दो लोगों को घायल भी कर दिया। उसके तांडव के कारण तीन-चार गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिससे उनके शीशे टूट गए।

काफी समय तक भटकने के जब घोड़ी को अपना बच्चा मिला तो वह तुरंत शांत हो गई। घोड़ी के कोपभाजन के शिकार हुए दोनों लोगों को जिला अस्पताल में उपचार करवाया गया। दोपहर के समय अचानक एक घोड़ी बेकाबू हो गई।

घोड़ी वार्ड नंबर 11 से निकलकर दंत्याल क्षेत्र में पहुंची। लोेगों को समझ में नहीं आ रहा था कि घोड़ी बेकाबू क्यों हो गई। वहां अफरा-तफरी के दौरान घोड़ी को कुछ लोगों ने पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी के काबू नहीं आई।
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राह चल रहे सुभाष और नरेश बचने के चक्कर में सड़क पर ही गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घोड़ी थी, जो किसी से भी संभल नहीं रही थी। उसने सड़क के बीच जा रही गाड़ियों को भी रोक दिया।

आनन-फानन में ब्रेक लगाने के चक्कर में कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इससे कुछ गाड़ियों को आंशिक क्षति भी पहुंची। इस घटना का पता घोड़ी के मालिक को भी नहीं चला।

इस बीच कुछ दूरी पर घोड़ी को उसका बच्चा दिख गया, जिसे देखते ही वह शांत हो गई। यह पूरी घटना देखते वाले लोग घोड़ी की संवेदनशीलता से हतप्रभ रह गए। घायल सुभाष चंद्र के अनुसार घोड़ी ने कुछ दिन पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया। काफी समय से बच्चा नहीं मिलने के कारण घोड़ी बेसुध हो गई थी।
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