फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धार्मिक अनुष्ठान और मंत्रों का प्रशिक्षण ले रहे पुजारी

विज्ञापन
भवन में पुजारी पाठयक्रम में भाग लेते हुए - फोटो : KATRA
विज्ञापन
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पुजारियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए बुधवार को बोर्ड ने 10 दिनों तक चलने वाला पुनश्चर्या पाठ्यक्रम शुरू किया है, जिसमें 30 पुजारियों को धार्मिक अनुष्ठानों, प्रथाओं और अन्य समारोहों के संचालन की जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन

माता वैष्णो देवी धाम में सेवा करने वाले पुजारियों को माता की पवित्र गुफा में पूजन करने और तीर्थ यात्रियों का धार्मिक मार्गदर्शन करने का काम का काम सौंपा जाता है। वे इस कार्य को भलीभांति कर सकें, इसके लिए बोर्ड ने पुजारियों के कौशल को तेज करने और क्षमताएं बढ़ाने लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम का आयोजन किया है। 10 दिनों तक चलने वाला यह कोर्स खास रूप से कौशल बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है।
इन पुजारियों को अनुष्ठान कौशल का प्रशिक्षण देने के लिए कठुआ के बसोहली में स्थित चूड़ामणि संस्कृत संस्थान और काशी के प्रसिद्ध संस्थानों के 10 विशेषज्ञों को चुना गया है। पाठ्यक्रम में 15 पुजारियों के दो बैचों में 30 पुजारियों को शामिल किया जाएगा। इसमें विशिष्ट अनुष्ठानों व मंत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विज्ञापन

पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से कल्प साहित्य पौरोहित्य सनातन धर्म, आचार, व्यवहार, जप, तप, दान, देव स्तुति, पंचगव्य, प्राणायाम, वस्त्र धारण, शिखा बंधन, आसन विचार, जल शुद्धि और स्थान शुद्धि शामिल हैं। वहीं, श्लोक, मंत्र, श्राद्ध परिचय, तर्पण, पंच महायज्ञ, हवन, पूर्णाहुति, प्रसाद ग्रहण, आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने कहा कि पुनश्चर्या कार्यक्रम प्रतिभागियों के ऊर्जा स्तर में सुधार लाएगा।
-----
पुजारियों को शिक्षा देने वाले विशेषज्ञ
विशेषज्ञों में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र के प्रो. रजनीश कुमार शुक्ला, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय कोट भलवाल जम्मू के निदेशक प्रो. मदन मोहन झा, वाराणसी के प्रो. व्यास मिश्रा, चूड़ामणि संस्कृत संस्थान बसोहली कठुआ के प्राचार्य, आचार्य अभिषेक उपाध्याय, वाराणसी के डॉ. मणिकन मिश्रा, आचार्य वागीश स्वरूप, डॉ. लेखराज उपाध्याय, दिल्ली के प्रो. रामराज उपाध्याय, उत्तर प्रदेश के डॉ. अश्विनी पांडे, विश्वस्थली आचार्य महेंद्र उपाध्याय और आचार्य राकेश शर्मा, आदि शामिल हैं।

भवन में पुजारी पाठयक्रम में भाग लेते हुए- फोटो : KATRA

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें