- रोजाना किए जा रहे 150 के करीब थायराइड के टेस्ट
- गर्भवती व अन्य मरीजों को निजी क्लीनिकों में भटकने से मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। राजकीय मेडिकल काॅलेज (जीएमसी) उधमुपर में थायराइड, विटामिन डी, आयर्न डिफेंसी, हैपेटाइटिस के टेस्ट से गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य मरीजों को लाभ मिल रहा है। अस्पताल में रोजाना 600 से 700 के करीब ओपीडी में करीब 150 गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों के थायराइड के टेस्ट लैब में किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी टाॅर्च टेस्ट की सुविधा अस्पताल में शुरू नहीं हो पाई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जल्द टाॅर्च टेस्ट शुरू करवा दिया जाएगा।
थायराइड टेस्ट शुरू होने से जिले भर से इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को अब निजी क्लीनिकों में नहीं जाना पड़ रहा। इन सब टेस्ट को करने के लिए जीएमसी में बनी लेब्रोरेटरी में हारमोंस मशीन लगाई गईं हैं, जिनसे टेस्ट किए जा रहे हैं।
जिले का मुख्य अस्पताल होने
से महिलाओं की रहती है भीड़
जिले का मुख्य अस्पताल होने से ज्यादातर लोग गर्भवती महिलाओं का इलाज कराने इसी अस्पताल में लाते हैं। प्रसव से पहले डाॅक्टर लगातार नौ माह तक गर्भवती के कई प्रकार के टेस्ट करवाते हैं। इनमें थायराइड, विटामिन डी, फेरेटिन, आयर्न डिफेंसी जैसे टेस्ट होते हैं। प्राइवेट क्लीनिक में थायराइड का टेस्ट 200 से 300 रुपये में होता है। जबकि, जीएमसी में गर्भवती महिलाओं का थायराइड टेस्ट निशुल्क और अन्य मरीज से 50 रुपये फीस ली जाती है।
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अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अन्य मरीजों के सभी प्रकार के टेस्ट की सुविधा उपलब्ध है। जिले भर से आने वाले मरीज इसका लाभ ले रहे हैं। अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जल्द टाॅर्च टेस्ट भी शुरू होंगे।
- संजीव गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसी