उधमपुर में नर्सिंग कॉलेज के बाहर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते छात्र व छात्राएं। संवाद
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उधमपुर। सरकारी नर्सिंग कॉलेज उधमपुर में सुविधाओं की मांग को लेकर कॉलेज के छात्र व छात्राओं ने सोमवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर सड़कों पर उतर कर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि तीन महीने से कॉलेज चल रहा है, लेकिन उनकी पढ़ाई न के बराबर हो रही है। न कॉलेज में स्टाफ हैं और न लाइब्रेरी में किताबें हैं। ऐसे में पढ़ाई बाधित हो रही है। कई बार इस संबंध में अधिकारियों से बात की गई, लेकिन इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया।
सुबह के समय कॉलेज के छात्र व छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर कॉलेज के गेट के बाहर धरना देकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जीनत, असलत बशीर, वानी बाहिद व अन्य छात्र, छात्राओं ने बताया कि करीब तीन महीने से कॉलेज में उनका सत्र चल रहा है, लेकिन उनको सुविधाएं न के बराबर मिल रही है। सबसे बड़ी परेशानी स्टाफ की है। अभी तक कॉलेज में स्टाफ नियुक्त नहीं किया गया है। उनको पढ़ाने का काम जेएनएम का स्टाफ कर रहा है। जबकि कॉलेज का स्टाफ नियुक्त करने को लेकर कुछ नहीं किया जा रहा है। तीन महीने में वह कुछ भी सही तरह से नहीं पढ़ पाए हैं। इसके अलावा उनको अभी तक हॉस्टल की सुविधा नहीं मिल पाई है। हॉस्टल की इमारत बन कर तैयार है, लेकिन उनको हॉस्टल की सुविधा नहीं दी जा रही है। सभी ग्रामीण इलाके में किराए पर कमरा लेकर रहने को मजबूर हैं। लाइब्रेरी में जरूरत के अनुसार किताबें नहीं है। कॉलेज में पीने का पानी और बिजली की भी जरूरत अनुसार सुविधा नहीं है। बिजली बंद होने पर उनको गर्मी के कारण परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। कॉलेज तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। मेटाडोर के इंतजार के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सरकारी कॉलेज में हर छात्र से 70 हजार रुपये फीस वसूली गई है और पढ़ाई और सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं मिल पा रहा है। इसी को लेकर सभी ने प्रदर्शन शुरू किया है। जब तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उनको सुविधा नहीं प्रदान की जाती है तब तक इसी तरह से रोष प्रकट करते रहेंगे।