घाटी में बीफ विवाद के बाद उधमपुर मेें ट्रक पर पेट्रोल बम से हमला और पथराव करने के मामले के आरोेपियों को शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट में सभी पक्षों ने अपना पक्ष रखा।
करीब तीन घंटे तक मामले पर बहस चली। कोर्ट ने गंभीर बहस पर गौर करते हुए 20 फरवरी को मामले की दोबारा सुनवाई रखी है। दरअसल, कई तारीखों से मामले की सुनवाई टल रही थी।
कोर्ट में सुनवाई के दौैरान एडवोकेट भूपेंद्र पठानिया, एडवोकेट अजय बंदराल, एडवोकेट सतीश गुप्ता और सरकारी वकील नरेश भगत ने अपनी दलीलें पेश कीं। इन वकीलोें ने जोरदार तरीके से अपने तर्क रखे।
आरोपियों के वकीलों ने मुवक्किलों पर लगाए आरोप बेबुनियाद बताए। उनके अनुसार केवल सीसीटीवी कैमरे से आरोप तय नहीं किए जा सकते हैं। कैमरे की फुटेज से साबित नहीं होता है कि ट्रक में आग अभियुक्तों ने लगाई है।
उधमपुर में हाईवे पर कैपरी में डालफिन होटल के नजदीक हुए पेट्रोल बम हमले के आरोपियों को सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच इन आरोपियों को कोर्ट में लाया गया। गौरतलब है कि अक्तूबर माह में राजमार्ग के पास एक ट्रक पर कुछ शरारती तत्वों ने हमला किया था तथा चालक तथा सहचालक को बुरी से जला दिया था।
वहीं दोनों को दिल्ली ले जाया गया था, यहां पर चालक की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर 368/15 में 10 लोगों को हिरासत में लेकर उनका पर मुकदमा दर्ज किया था।
इस हमले में शामिल एक आरोपी जमानत पर बाहर है। इन आरोपियों में पूर्व पुलिसकर्मी जसबीर सिंह, बलविंद्र सिंह और दानिश, संदूर सिंह, पम्मा, हरीश सिंह कटोच, बल बहादूर सिंह, धरेंद्र सिंह, राहुल शर्मा, रामेश्वर सिंंह शामिल हैं।