जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के उपचार में लापरवाही के मामले दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को हालत में सुधार नहीं होने पर डाक्टर ने गर्भवती महिला को जीएमसी रेफर किया।
लेकिन महिला को एंबुलेंस की सुविधा के लिए घंटों अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर बैठकर इंतजार करना पड़ा। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की खबर जब मीडिया तक पहुंची तो अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला को जीएससी रवाना किया।
गर्भवती पिंकी शर्मा ने बताया कि हालत में सुधार नहीं होने पर शुक्रवार को उसे पंचैरी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जिला अस्पताल में भी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो शनिवार की सुबह दस बजे उसे डाक्टर ने जीएमसी रेफर कर दिया। दस बजे से उसके परिवार के सदस्य एंबुलेंस के लिए भटकते रहे।
एक एंबुलेंस आई और उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर बाहर लाया गया। पहले उसे एंबुलेंस में बिठाया और फिर दूसरी एंबुलेंस में लाने की बात कहकर नीचे उतार दिया गया। तब से वह अपने परिवार के साथ दूसरी एंबुलेंस के आने का इंतजार करती रही। मीडिया कर्मियों के मौके पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन ने फौरन एंबुलेंस को मौके पर भेजकर महिला को जीएमसी भेजा।
सुधर नहीं रहा है अस्पताल प्रशासन
वहीं अस्पताल में मौजूद मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि आए दिन जिला अस्पताल में इस तरह की लापरवाही के मामले सामने आते हैं। पिछले दिनों भी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी।
इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन अपनी गलतियों में सुधार नहीं कर रहा है और इसका खामियाजा लोगों को इसी तरह से भुगतना पड़ रहा है।
मेरे पास इसकी कोई जानकारी नहीं पहुंची, लेकिन इस मामले को गंभीरता से लेकर जानकारी हासिल करेंगे। सोमवार को बैठक में भी इस पर बात की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई भी होगी।
-डॉ. अरुण शर्मा, सीएमओ