उधमपुर। कोरोना संकट के दो वर्ष के दौरान बच्चों की मानसिकता को जांचने के लिए शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण सर्वे कराएगा। इस सर्वे में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों और शिक्षकों को भी जोड़ा जाएगा। सर्वे किस तरह से कराया जाना है। इसके बारे में अभी स्कूलों को जानकारी नहीं दी गई है।
कोरोना संकट के कारण दो वर्ष तक स्कूल बंद रहे और इस दौरान विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए शिक्षा हासिल की। दो वर्ष तक ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने पर कई विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ा है। इसी की जांच को लेकर शिक्षा विभाग सर्वे कराने जा रहा है। शिक्षा निदेशक जम्मू ने सर्वे कराने के लिए सीईओ को आदेश जारी किया है। इसके लिए सभी स्कूलों के हेडमास्टर व प्रिंसिपल विशेष तौर पर काम करेंगे। इस सर्वे में केवल कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इसमें विद्यार्थियों के अभिभाव व शिक्षक भी सहयोग करेंगे। यह सर्वे एक गूगल फार्म भरकर किया जाएगा और इसका लिंक सभी सीईओ को उपलब्ध करा दिया गया है। अभी लिंक स्कूलों को नहीं दिया गया है। इस लिंक को सभी स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा और सर्वे किया जाएगा। सर्वे के बाद अगर कोई बच्चा मानसिक रूप से कमजोर पाया जाता है तो शिक्षा विभाग उसकी मानसिक मजबूती के लिए विशेष तौर पर काम करेगा। जल्द शिक्षा विभाग के सीईओ की तरफ से सभी स्कूलों को सर्वे को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी और उसके बाद सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।