उधमपुर। बसों में नहीं बिठाने पर विद्यार्थियों ने सड़क पर बैठकर परिवहन विभाग व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वीरवार दोपहर को जब स्कूलों से छुट्टी हुई तो रौन-दोमेल की तरफ जाने वाले छात्रों को बस चालकों ने नहीं बिठाया। ऐसे में छात्र अन्य यात्री वाहनों का इंतजार करते रहे। भीषण गर्मी के बावजूद कोई वाहन नहीं मिला तो वे सलाथिया चौक पर धरने पर बैठ गए और धार रोड को जाम कर दिया।
छात्रों का आरोप था कि चालकों ने वाहनों में बिठाने से मना कर दिया है। इस कारण घर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा है। एक घंटे के इंतजार के बाद प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा है। माही राजपूत, आरती शर्मा, प्रिया देवी, अंजलि देवी व अन्य ने कहा कि कघोट (रामनगर) बस हादसे के बाद बढ़ी प्रशासनिक सख्ती के चलते उन्हें चालक गाड़ियों में बिठाने से मना कर रहे हैं। तीन दिन से स्कूल तक जाना मुश्किल हो गया है। वाहन चालक दो छात्रों समेत अन्य सवारियों को बिठाकर ले जा रहे हैं। इससे घर पहुंचने में देरी हो रही है। प्रशासन से मांग है कि छात्र वर्ग के लिए विशेष वाहनों का प्रबंध किया जाए अथवा गाड़ियों की संख्या को बढ़ाया जाए।
दो दिन में रूट की होगी समीक्षा, बढ़ेंगी गाड़ियां
मौके पर पहुंचे एआरटीओ मुदस्सिर इकबाल ने गाड़ियों का प्रबंध कर छात्रों को घरों के लिए रवाना किया। उन्होंने आश्वस्त किया कि छात्रों के अलावा अन्य यात्रियों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी भी दी कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। विभाग के पास गाड़ियों की कमी नहीं है और सभी रूट पर जरूरत के मुताबिक गाड़ियां उपलब्ध हैं। जानबूझकर ओवरलोडिंग करने वाले चालक समस्याएं पैदा कर रहें हैं जिसे बिल्कुल सहन नहीं किया जाएगा। अगले दो दिन के भीतर सभी रूटों की समीक्षा की जाएगी और जहां भी गाड़ियों की कमी होगी, उसे दूर किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकारी बसें चलाने को लेकर परिवहन मंत्री से उपायुक्त की बात हुई है, जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा।