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वट वृक्ष की परिक्रमा कर स्त्रियों ने की परिवार के सुख की प्रार्थना

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उधमपुर: सोमवती अमावस्या के अवसर पर देविका तट पर बट वृक्ष का पूजन करती महिला श्रद्धालु - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। सोमवती अमावस्या पर सोमवार को जिले के लोगों ने परिवार की सुख समृद्धि के लिए पूजन कर जरूरतमंदों को दान दिया। देविका नदी के तट पर भी सैकड़ों महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर पूजन किया। इस दिन विशेष रुप से भगवान विष्णु व ब्रह्मा की पूजा की जाती है।
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सोमवती अमावस्या पर सुबह से ही देविका नदी के तट पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालु आना शुरू हो गए थे। इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। उन्होंने पवित्र बावलियों में स्नान किया, और वट वृक्ष की परिक्रमा कर परिवार की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। महिलाओं ने बताया कि इस दिन का महत्व दान पुण्य से है। दान करने पर घर में किसी चीज की कमी नहीं रहती। भगवान की कृपा से सारे सुख प्राप्त होते हैं।
इस दिन महिलाओं को वट की 108 परिक्रमा करनी होती हैं। इसके बाद ही पूजा सफल होती है। वहीं, धर्मशास्त्रियों के मुताबिक सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अथवा सोमवारी अमावस्या कहते हैं। ये वर्ष में लगभग एक या दो बार आती है। इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। विवाहित स्त्रियां इस दिन अपने पतियों की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत करती हैं। इस दिन मौन व्रत रहने से सहस्र गोदान का फल मिलता है।
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सोमवती अमावस्या को विवाहित स्त्रियां वट वृक्ष की दूध, जल, पुष्प, अक्षत, चंदन, आदि से पूजा और वृक्ष के चारों ओर 108 बार धागा लपेटकर परिक्रमा करती हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान का भी विशेष महत्व है। कहा जाता है कि महाभारत में भीष्म ने युधिष्ठिर को इस दिन का महत्व समझाते हुए कहा था कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने वाला मनुष्य समृद्ध, स्वास्थ्य और सभी दुखों से मुक्त होगा।
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