बर्फबारी के बीच खुले बरामदे में परीक्षा देते विद्यार्थी।
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शिक्षा विभाग की बेपरवाही कहें या परीक्षा नियंत्रक की बेरहमी। बर्फबारी के बीच दसवीं के बच्चों को पंचैरी के एक परीक्षा केंद्र पर बरामदे में बैठा कर परीक्षा ली गई। बच्चे कांप-कांप पर लिख रहे थे। हद तो यह है कि विभाग के अधिकारी इस फैसले को सिर्फ इसलिए जायज मानते हैं कि बाहर बैठाने से बच्चे नकल नहीं
कर पाएंगे।
पंचैरी कसबे में दो दिन से लगातार बारिश और बर्फबारी जारी है। ऐसे में कोई भी आदमी घर से बाहर निकलना नहीं चाह रहा है। इस बीच विंटर जोन दसवीं प्राइवेट की अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। शनिवार को पंचैरी हायर सेकेंडरी स्कूल पर बनाए गए परीक्षा केंद्र पर 83 में से मात्र 66 बच्चे ही परीक्षा देने आए।
दरअसल, बर्फबारी के कारण कई लिंक मार्ग बंद हो चुके हैं। परीक्षा देने आए बच्चों को खुले में बरामदे पर परीक्षा देने के लिए बैठा दिया गया और बाहर बर्फबारी हो रही थी। जानलेवा ठंड में ठिठुर रहे बच्चों ने विरोध भी किया, लेकिन परीक्षा नियंत्रक या स्कूल प्रबंधन को बच्चों पर तरस नहीं आई।
मजबूरन बच्चे कांप-कांप कर लिखते रहे। ऐसी बात भी नहीं थी कि केंद्र पर बच्चों को बैठने का इंतजाम नहीं था। स्कूल में ढाई-तीन सौ बच्चों को बैठाया जा सकता है। शिक्षा विभाग की इस बेपरवाह रवैये से अभिभावकों में रोष बढ़ गया है।
परीक्षा केंद्र पर केवल 15 बच्चों को ही बाहर बैठाया गया था। इस केंद्र पर पूर्व में हुई नकल की घटनाओं को ध्यान में रखकर यह फैसला केंद्र के सुपरिंटेंडेंट द्वारा लिया गया था।
-हंसराज, जेडईओ, पंचैरी
इस बारे में मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं। अगर बच्चों को ऐसे खतरनाक मौसम में बाहर बैठा कर परीक्षा ली गई तो यह पूरी तरह से गलत है। ऐसा करने वाले पर कड़ी कार्रवाई जरूर की जाएगी।
-बशन सिंह, सीईओ