भवन में दस दिवसीय पाठयक्रम के वाद पुजारी
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कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से पुजारियों के लिए वैदिक अनुष्ठानों पर ज्ञान बढ़ाने के लिए आयोजित दस दिवसीय पुनश्चर्या पाठ्यक्रम शुक्रवार शाम को वैदिक मंत्रों के जाप के साथ संपन्न हुआ। जिसमें 17 पुजारियों की दो टुकड़ी में एक पुजारी को महारथ हासिल करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा पुजारियों को पूजा विधि के बारे में एक अत्यधिक विशिष्ट और पेशेवर दृष्टिकोण होता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के मूल उद्देश्यों को पूरा करने के लिए चुड़ामणि संस्कृत संस्थान, बसोहली, कठुआ के सहयोग से काशी, वाराणसी के प्रसिद्ध संस्थानों के अनुभवी योग्य अतिथि संकाय और वैदिक अध्ययन के विद्वानों को प्रशिक्षण प्रदान करते हुए अपने समृद्ध अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किए गए थे।
इसके अलावा वैदिक शास्त्रों की गहरी समझ प्राप्त करने और अपने दैनिक कार्य में व्यावहारिक ज्ञान को लागू करने का एक उत्कृष्ट अवसर था। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सीईओ रमेश कुमार ने कहा कि सभी प्रतिभागियों ने प्रक्रियाओं पर अधिक स्पष्टता व अधिक क्षमता के साथ सेवा करने के लिए उत्साहित किया गया है। समापन सत्र में भाग लेने वाले संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. सुनील शर्मा ने कहा कि मंदिर की गतिविधियों को अति आवश्यक प्रोत्साहन देने के लिए पुजारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया था। उन्होंने बधाई दी और आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए संसाधन व्यक्तियों को धन्यवाद किया।