उधमपुर/पंचैरी। पंचैरी तहसील के सांकरी देव स्थान पर रविवार को वार्षिक छड़ी यात्रा का आयोजन किया गया। पंचैरी के विभिन्न हिस्सों से छड़ी यात्रा सांकरी देव स्थान पर पहुंची और मंदिर में पूजन के बाद वापस लौट गई। कोरोना संकट के कारण लगातार दूसरे वर्ष प्रशासन की तरफ से मेला का आयोजन करने की अनुमति नहीं मिली। लेकिन दोपहर समय मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक बढ़ गई थी मंदिर के बाहर मेले जैसा माहौल बन गया था।
सांकरी देव स्थान पर लगने वाले प्रसिद्ध मेले की पहचान प्रदेश के साथ बाहरी राज्यों में भी है। इस मेले में हिस्सा लेने के लिए बाहरी राज्यों से भी कई लोग पहुंचते हैं। प्रशासन की तरफ से कई तरह के कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है। लेकिन कोरोना संकट के कारण 2020 से मेले का आयोजन नहीं हो पा रहा है। लेकिन स्थानीय निवासी हर वर्ष पूजन व छड़ी यात्राएं लेकर मंदिर में पहुंचती है। रविवार को मीर, चुलना, कुलटैंड और लद्दा धार से छड़ी यात्राएं सुबह के समय मंदिर में पहुंची और पूजन में हिस्सा लिया। इसके साथ सैंकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी मंदिर में माथा टेकने के लिए पहुंचे थे। सबने लंबी कतार में लग कर माथा टेका।
इसी दौरान मंदिर के बाहर बाबा सांकरी गाने का भी विमोचन किया गया। इस गाने को डुग्गर हिल प्रोडक्शन ने तैयार किया है। इसका विमोचन डीडीसी जसवीर सिंह ने किया। इसके जरिए सांकरी देव स्थान का इतिहास बताया गया है। मंदिर के बाहर लोगों की संख्या बढ़ने के बाद ऐसा लग रहा था, जैसे मेले का आयोजन हो गया हो। सुबह से शाम तक देव स्थान का वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु शाम तक मंदिर में पहुंचते रहे। दोपहर के समय छड़ी यात्राएं वापस लौट गई। इस मौके सरपंच कुलदीप कुमार शर्मा, पूर्व सरपंच प्रभात सिंह, संजीव सिंह व अन्य कई लोग मौजूद थे।