उधमपुर। छह माह गुजरने के बाद भी नगर में डोर टू डोर कचरा उठाने वाली कंपनी से नगर परिषद करारनामे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है। कंपनी नप को बिना नियमित किश्त दिए काम चला रही है, जिससे हर माह नप को लाखों रुपये का चूना लग रहा है। यह खुलासा समाजसेवी गुरवचन सिंह ने एक आरटीआई के माध्यम से किया है।
उन्होंने बताया कि सितंबर 2021 में कंपनी को नगर में घर-घर जाकर कचरा उठाने का काम दिया गया था। लेकिन, छह माह गुजरने के बाद भी इस काम को टेंडर नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। इस मामले पर आरटीआई दाखिल करने के बाद नप ने बताया कि उक्त कंपनी के साथ करारनामे की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। सवाल यह है कि जिस करार में दो दिन लगते हैं, उसे छह महीने गुजर जाने के बाद भी नप पूरा क्यों नहीं कर पाया है?
बिना करार बिना सुरक्षा राशि जमा किए नप उक्त कंपनी अथवा ठेकेदार पर इतनी मेहरबान क्यों हैं? जबकि टेंडर के मुताबिक उक्त ठेकेदार को हर महीने नप को एक लाख साठ हजार रुपये देने हैं। लेकिन, छह माह से ठेकेदार ने नप को कोई पैसा नहीं दिया है। इससे सरकारी कोष का नुकसान हो रहा है। यह नप के अधिकारियों की मिलीभगत को भी दर्शाता है। इसलिए, उनकी मांग है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाकर नप के अध्यक्ष और सीईओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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कोरोना काल के चलते नहीं हो सका करार
मामले पर नप के सीईओ अमित चौधरी का कहना है कि कोरोना काल के चलते नप उक्त ठेकेदार के साथ करार पूरा नहीं कर पाई है। लेकिन, जरूरी सभी दस्तावेजों को उक्त ठेकेदार ने नप के पास पहले से ही जमा करवा दिया है, जो कार्यालय में सुरक्षित हैं। समय लगते ही करारनामे की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। यह सही है कि उक्त ठेकेदार ने अब तक केवल एक माह की किश्त जमा की है। लेकिन, नप के पास उक्त ठेकेदार की तीन लाख की सीडीआर मौजूद है। इसके अलावा टेंडर शुरू होने से पहले की कुछ एडवांस पेमेंट नप के पास है, जो उनके कर्मचारियों की ओर से नगर की कुछ दुकानों व होटलों से ले ली गई थी।