फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन की बिना मदद राम भरोसे मंदिर की सराय में रहे सैकड़ों यात्री

विज्ञापन
चिनैनी के मंदिर में राजमार्ग के बंद होने पर तीन दिन से रुके यात्री - फोटो : UDHAMPUR
विज्ञापन
उधमपुर/चिनैनी। समरोली के देवाल में हाईवे बंद होने पर तीन दिन से फंसे सैकड़ों यात्रियों को शुक्रवार को मार्ग खुलने पर आगे बढ़ने की अनुमति मिली। तब उन्होंने राहत की सांस ली। लेकिन, इससे पहले चिनैनी में फंसे यात्री बिना किसी प्रशासनिक सहायता के मंदिर की सराय में रहने को मजबूर थे।
विज्ञापन

रामबन के विभिन्न स्थानों पर पस्सियां गिरने पर मंगलवार शाम को राजमार्ग बंद हो गया था। इसके बाद उधमपुर में वाहनों को रोक दिया गया। बुधवार सुबह उधमपुर के समरोली इलाके में देवाल पुल के पास पहाड़ का बड़ा हिस्सा राजमार्ग पर गिरने से डोडा, किश्तवाड़, भद्रवाह, रामबन, चिनैनी और पटनीटॉप की तरफ भी वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इस दौरान दोनों तरफ सैकड़ों यात्री भी फंस गए। शुक्रवार को तीसरे दिन शाम तक मार्ग न खुलने पर यात्री परेशान ही रहे।
रामबन के बनिहाल व रामसू में जम्मू की तरफ आने वाले यात्रियों को रोका गया था। उनकी सेना व प्रशासन ने खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराकर मदद भी की। लेकिन, उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में फंसे यात्रियों की मदद को कोई नहीं आया। उधमपुर में फंसे ज्यादातर यात्री जम्मू की तरफ लौट गए थे। कुछ यात्रियों ने शहर के होटल में बुकिंग करवा ली, और राजमार्ग खुलने का इंतजार करने लगे।
विज्ञापन

वहीं, चिनैनी में फंसे यात्रियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिनैनी के सुद्धमहादेव व मानतलाई की ओर गए सैकड़ों यात्री चिनैनी में फंस गए थे। इन यात्रियों ने चिनैनी मुक्तेश्वर मंदिर की सराय में शरण ली। सराय में सौ से अधिक यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। ये यात्री जम्मू के रहने वाले थे, और सुद्धमहादेव घूमने गए थे। तीन दिन तक ये लोग सराय में रुके, और खाने पीने की व्यवस्था भी खुद ही की।
------
प्रशासन को लेनी चाहिए बीच में फंसे यात्रियों की सुध
भगवान दास, दर्शना देवी, वर्षा देवी, आदि ने कहा कि वे तीन दिन से सराय में रुककर राजमार्ग के खुलने का इंतजार कर रहे थे। उनकी मदद के लिए कोई नहीं आया। सारी व्यवस्था उन्होंने अपने स्तर पर ही कीं। जब भी ऐसे हालत बनते हैं तो प्रशासन को बीच में फंसे यात्रियों की सुध लेनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें