उधमपुर/रामबन। रामबन के मेहाड़ में पस्सियां गिरने से रविवार को बंद हुआ जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को करीब 18 घंटे के बाद खोला गया। इससे बीच में फंसे यात्रियों को भारी खुशी हुई। हालांकि, यह खुशी बहुत देर तक नहीं टिकी। क्योंकि, सैकड़ों वाहनों के एक साथ चलने से जाम की समस्या पैदा हो गई। फिर ये वाहन सड़क पर रेंगते हुए नजर आए।
गौरतलब है कि रविवार दोपहर करीब ढाई बजे मेहाड़ में पहाड़ से पत्थर गिरना शुरू हो गए थे, जिससे राजमार्ग बंद हो गया था। फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी की मशीनों ने मार्ग को खोलने का प्रयास किया था, लेकिन बार बार पत्थर गिरने के कारण कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हो रही थी। इसलिए, रविवार को मार्ग बहाल नहीं हो सका। रात भर काम बंद रहने के बाद कर्मचारियों ने सोमवार तड़के मार्ग खोलने का काम शुरू किया। अंत में सुबह करीब साढ़े आठ बजे राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिल गई।
पुलिस ने सबसे पहले रामबन में दोनों तरफ फंसे वाहनों को श्रीनगर और जम्मू की तरफ रवाना किया। सैकड़ों वाहन जब एक साथ चलने लगे तो जाम की स्थिति बन गई, और पुलिस को जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, उधमपुर में भी वाहनों के एक साथ चलने पर सुबह नौ बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया था। सुबह जखैनी से केवल डोडा, किश्तवाड़, पटनीटॉप, भद्रवाह, चिनैनी, बटोत जाने वाले वाहनों को ही जाने की अनुमति दी जा रही थी। जबकि, कश्मीर की तरफ जाने वाले वाहनों पर प्रतिबंध था।
रामबन में दोपहर तक केवल बीच में फंसे वाहनों को ही चलने की अनुमति दी गई। जब ये वाहन निकल गए तो उधमपुर में रोके गए वाहनों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन, इसके बाद उधमपुर में भी जाम की स्थिति बन गई। रामबन में शाम तक जाम लगा रहा और पुलिस जाम को खुलवाने के लिए मशक्कत करती रही। इस दौरान पहाड़ों से पत्थर गिरने से कुछ कुछ देर के लिए मार्ग बंद भी होता रहा।
उधमपुर: रास्ता बंद होने के कारण उधमपुर के जेखानी चौक पर रोके गए वाहन- फोटो : UDHAMPUR