आरडीडी सचिव डॉ. शाहिद इकबाल ने किया उधमपुर का व्यापक दौरा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। ग्रामीण विकास परियोजनाओं का आकलन करने और उनमें तेजी लाने के एक ठोस प्रयास में सचिव ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने शुक्रवार को उधमपुर का व्यापक दौरा किया। उन्होंने जिले में ग्रामीण विकास परियोजनाओं में तेजी लाने निर्देश दिए गए। उन्होंने विकासात्मक प्रयासों के प्रभाव को बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों के साथ गहन अभिसरण की आवश्यकता पर जोर दिया।
सचिव आरडीडी ने उधमपुर में वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए निर्धारित विकास कार्यों, प्रमुख योजनाओं और केंद्र प्रायोजित प्रयासों से संबंधित कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय अभिसरण के माध्यम से आजीविका के अवसरों का पोषण करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रयासों और परियोजनाओं की जांच की। बैठक के एजेंडे में कई मुद्दे शामिल थे, जिनमें मनरेगा जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत प्रगति, स्थानीय निकाय (एलबी) परियोजनाओं में प्रगति, मजदूरी का शीघ्र भुगतान, चल रही परियोजनाओं में देरी की सावधानीपूर्वक निगरानी, उन्नति परियोजना की गति, कृषि व्यय, सामाजिक लेखापरीक्षा के लिए रणनीतियां शामिल थी। विचार-विमर्श के दौरान खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि वे संसाधनों को सटीकता के साथ व्यवस्थित करें जिससे योजनाओं का निर्बाध कार्यान्वयन सुनिश्चित हो सके और किसी भी पात्र लाभार्थी की अनदेखी न हो। सचिव ने सभी विकासात्मक प्रयासों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित लक्ष्यों की अटूट खोज की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। बीडीओ को गुणवत्ता से समझौता किए बिना या समय सीमा के पालन के साथ परियोजना निष्पादन में तेजी लाने के लिए नवीन पद्धतियों का उपयोग करने का आदेश दिया। जन कल्याण के लिए प्रभावी योजना कार्यान्वयन में अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करते हुए उन्होंने लाभार्थियों की 100 प्रतशित आधार सीडिंग हासिल करने की अनिवार्यता पर जोर दिया। सचिव ने आजीविका सृजन और परिसंपत्तियों के सतत संचालन और रखरखाव के महत्वपूर्ण महत्व पर भी जोर दिया और इन क्षेत्रों में ठोस प्रयासों का आग्रह किया। खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सभी पात्र लाभार्थियों की व्यापक कवरेज सुनिश्चित करते हुए, योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए प्रभावी ढंग से संसाधन जुटाने के स्पष्ट निर्देश प्राप्त हुए।
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे सामुदायिक स्वच्छता परिसरों की स्थापना के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। जिसमें डॉ. शाहिद ने मनरेगा और अन्य विकासात्मक कार्यक्रमों के बीच संभावित तालमेल पर प्रकाश डाला। इससे पहले उपायुक्त सलोनी राय द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर निदेशक आरडीडी जम्मू मोहम्मद मुमताज अली, निदेशक पंचायती राज शाम लाल, एडीडीसी घन शाम सिंह, अतिरिक्त सचिव आरडीडी वसीम राजा, एडीसी जोगिंदर सिंह जसरोटिया, एसीडी डॉ. रणजीत सिंह कोतवाल, बीडीओ और आरडीडी के क्षेत्रीय पदाधिकारियों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।