उधमपुर। अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने शनिवार को कार्यालय के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के आश्वासन के बाद भी उनकी मांगें आज तक पूरी नहीं हुईं। अब उनको मजबूरन फिर से हड़ताल करनी पड़ेगी।
जल शक्ति इंप्लाइज वर्कर्स एंड एसोसिएशन के प्रधान सोमनाथ के नेतृत्व में डुडू, बसंतगढ़, मानसर, खून, कघोट, मजालता, चिनैनी व अन्य कई इलाकों से कर्मचारी जल शक्ति विभाग के कार्यालय के बाहर इकट्ठे हुए। वहां उन्होंने धरना दिया, और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रधान ने बताया कि विभाग में वर्षों से सैकड़ों लोग अस्थायी रूप से काम कर रहे हैं। सबको उम्मीद थी कि सात वर्ष बाद उनको स्थायी कर दिया जाएगा। लेकिन, 20 वर्ष बाद भी वे अस्थायी ही हैं।
उन्होंने कहा कि सैकड़ों अस्थायी कर्मचारियों को 2014 से 2020 तक का वेतन नहीं दिया गया है। विभाग ने छह वर्ष तक लगातार काम कराया, लेकिन वेतन नहीं दिया। सरकार ने प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम भी लागू नहीं किया है। यह नियम बाकी सभी राज्यों में लागू है। इसके लागू न होने के कारण अस्थायी कर्मचारियों को बहुत कम वेतन दिया जा रहा है। इसके अलावा विभाग में स्टाफ की कमी में काम कर रहे कर्मचारियों पर दोगुना बोझ डाला गया है। इससे भी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। इस मौके पर विजय कुमार, सूरज प्रकाश, अमित, दिनेश केसर, मक्खन चंद, कृष्ण चंद व अन्य मौजूद थे।
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आश्वासन के बाद भी पूरी नहीं हुई मांगें
एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि सरकार हर वर्ष नए प्रोजेक्ट शुरू कर रही है, लेकिन कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर आज तक कुछ नहीं किया गया। 11 नवंबर 2020 को उपराज्यपाल ने आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी बनाने सहित कई मांगों को पूरा करेंगे, लेकिन कई महीने गुजरने के बाद भी मांगों को पूरा नहीं किया गया है। आज सभी कर्मचारी प्रदर्शन कर चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो मजबूरन काम बंद कर हड़ताल करनी पड़ेगी।
उधमपुर में स्थायी कर्मचारी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचार- फोटो : UDHAMPUR