रामबन। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर शनिवार और रविवार को पूरे रामबन जिले में पड़ा है। दो दिन से जिले भर में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न क्षेत्रों के लगभग सभी फीडर बंद रखे हैं, जिससे जिले के अधिकतर इलाकों में बिजली बंद रही। इसके साथ ही कई इलाकों में पानी की सप्लाई भी ठप हो गई।
हड़ताल के प्रभाव से सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों की व्यावसायिक स्वास्थ्य अल्ट्रासाउंड डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं सहित लगभग सभी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। जिन छात्रों की परीक्षाएं चल रही हैं उन्हें इनकी तैयारी करने में परेशानी हुई है। रामबन के निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन हमेशा वर्चुअल मोड में बैठकें और वीडियो कॉन्फ्रेंस करने में व्यस्त रहता है, लेकिन ज्वलंत समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। नागरिकों का कहना है कि अगर यह हड़ताल और कुछ दिन जारी रही तो हड़ताल से स्थिति और खराब हो जाएगी, क्योंकि पानी का संकट और बिजली से जुड़ी अन्य समस्याएं पैदा होंगी, जिसका असर सीधा आम आदमी पर पडे़गा। जिला मुख्यालय नगर रामबन में हर नुक्कड़ पर दिन भर बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर चर्चा होती रही। अधिकांश लोग हड़ताली कर्मचारियों के पक्ष में और प्रशासन के खिलाफ अपने विचार व्यक्त करते रहे।
-----
माता वैष्णो देवी भवन को छोड़
अन्य कई इलाकों में बत्ती रही गुल
कटड़ा। धर्मनगरी कटड़ा में भी कई इलाकों में बिजली-पानी की समस्या बनी रही। कटड़ा में जेके पावर इंजीनियर एंड इंप्लाइज को-ऑर्डिनेशन कमिटी ने एमडी जेपीडीसीएल के साथ बैठक की, लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकला। पीडीडी के इंजीनियर, लाइनमैन और कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। लोगों ने कई बार बिजली कर्मियों से गुहार लगाई, लेकिन समस्या हल नहीं हो पाई। हालांकि वैष्णो देवी भवन के साथ ही सभी मार्गों पर बिजली व्यवस्था सुचारू रही। लेकिन कसबे के अन्य कई इलाकों में बिजली संकट से दर्शन को आए श्रद्धालुओं को गर्म पानी आदि की किल्लत से जूझना पड़ा। इसका खामियाजा दुकानदारों के साथ ही होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला आदि को भी भुगतना पड़ रहा है। विभाग के एईई अजय पुरी, एई बालकृष्ण कपूर, जेई अभिजीत शर्मा, लाइनमैन गणेश, सतपाल, शमशेर सिंह आदि का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे काम पर नहीं लौटेंगे।