उधमपुर। सरकार की तरफ से बिजली विभाग का निगमीकरण किए जाने के विरोध में पीडीडी कर्मियों ने रविवार दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखकर ग्रिड स्टेशन जखैनी के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों से हक छीना जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपनी नीति को हर हाल में बदलना होगा।
ग्रिड स्टेशन के बाहर कर्मचारियों ने रविवार सुबह से शाम तक धरना दिया। रोहित गुप्ता और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि सरकार की तरफ से प्रदेश में बिजली विभाग का निगमीकरण किया जा रहा है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान कर्मचारियों को हो रहा है। निगमीकरण से कर्मचारियों के साथ ही प्रदेशवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बताया कि पहले उनको पहली तारीख को वेतन जारी कर दिया जाता था, लेकिन अब कभी सात तो कभी 10 तारीख को वेतन दिया जा रहा है और कई बार तो दो महीने के बाद वेतन जारी किया जा रहा है। निगमीकरण में अस्थायी कर्मियों की स्थिति को स्पष्ट नहीं किया जा रहा। 20 वर्ष से हजारों अस्थायी कर्मी पीडीडी और ग्रिड स्टेशनों में काम कर रहे हैं, अभी तक इनको स्थायी नहीं किया गया है। निगमीकरण के बाद तो इनको कोई पूछने वाला भी नहीं होगा। चेतावनी दी कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हड़ताल जारी रखेंगे।
--------
जेनरेटर भी दे गए जवाब, मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पाए
उधमपुर। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से जिले के शहर और ग्रामीण इलाकों में दो दिन से बत्ती गुल है। इससे लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। इससे कई घरों में लगाए जेनरेटर भी जवाब दे गए हैं। लोगों के मोबाइल तक भी चार्ज नहीं हो पा रहे। कंपकंपा देने वाली ठंड में लाइट न होने से हीटर भी बंद हो गए हैं। रोजमर्रा के काम निपटाने में दिक्कतें आ रही हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लोग सरकार से मांग कर रहे हैं कि जल्द हड़ताल बंद करवाकर बिजली बहाल की जाए। हालांकि रविवार को दफ्तरों में छुट्टी थी। निजी प्रतिष्ठानों में काम प्रभावित हुआ है।
उधमपुर शहर के कई हिस्सों में शनिवार से बत्ती गुल है। इसके साथ पंचैरी, मोंगरी और रामनगर तहसील में भी रविवार को दिन भर बिजली बंद रही। उधमपुर शहर के साथ लगते सतैनी, जगानू में भी लाइट न होने से लोग परेशान हैं। दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हो गया है।
-----
बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई हो
रही बाधित, फार्म नहीं भरे जा रहे
मोबाइल फोन और लैपटॉप बंद होने से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई बाधित होने के साथ युवाओं को फार्म नहीं भर पा रहे। मोबाइल बंद होने से एक दूसरे के साथ संपर्क करना मुश्किल हो गया है। ई-श्रम कार्ड बनाने का काम भी रुक गया है। खिदमत केंद्रों में भी काम बंद है। पंचैरी के डीडीसी सदस्य जसवीर सिंह और कुलटयाड़ बाला पंचायत के सरपंच पवन कुमार का कहना है कि ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में बिजली बंद है और ठंड के बीच लोगों की परेशानी दुगनी हो गई है। सोमवार को सरकारी कार्यालयों में भी कामकाम प्रभावित हो जाएगा। सरकार को इसको गंभीरता से लेना होगा और जल्द परेशानी को दूर करना होगा।
------
कई जगह एटीएम और मोबाइल टॉवर
भी रहे बंद, व्यवसाय पर भी पड़ा असर
बिजली व्यवस्था के चरमराने से कई इलाकों में एटीएम के अलावा मोबाइल टॉवर भी बंद हो गए हैं। कई जगह सिग्नल के बाद भी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी इसका असर पड़ा है। जिन इलाकों में फाल्ट के चलते बिजली गुल हुई उनमें व्यवसाय भी लगभग चौपट होकर रह गया। एटीएम बंद होने से लोगों को नकदी निकालने में परेशानी हुई।