उधमपुर। बरसात शुरू होने के बाद सतैनी, सुंथा और ठिल के लोगों की नींद उड़ गई है। तेज बारिश शुरू होने पर अपने घरों के अंदर रखने सामान को सुरक्षित स्थान रखने का प्रयास करने लगते हैं और पूरी रात सो नहीं पाते हैं। कुछ दिन में बारिश के दौरान नालों का जल स्तर बढ़ गया है और किसी भी दिन तेज बारिश होने पर बारिश का पानी उनके घरों के अंदर प्रवेश कर सकता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार मांग करने के बाद भी प्रशासन ने नालों को साफ कर राहत नहीं प्रदान की है।
जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर की दूरी पर सतैनी, सुथा और ठिल का इलाका है। यह पूरा इलाका रेलवे ट्रैक और धार रोड के बीच में है। धार रोड के किनारे पर बड़ा नाला निकाला गया, जोकि कई वर्षों से गंदगी से बंद पड़ा है। इसके साथ रेलवे ट्रैक ऊंचाई पर होने के कारण जब बारिश होती है तो ट्रैक से सारा पानी मोहल्ले में पहुंचता है। बरसात में कई बार बारिश का पानी लोगों के घरों के अंदर पहुंच कर लाखों का नुकसान करता है। कई बार मांग करने के बाद भी जब बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई तो स्थानीय निवासी फिर से बरसात को लेकर चिंतित हो गए हैं। समाज सेवक पंकज गुप्ता, पूर्व सरपंच रघुवीर शर्मा, भूषण कुमार, ज्ञान चंद गुप्ता, मक्खन सिंह, नीरज सिंह, कुलदीप कुमार व अन्य स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस बार भी बरसात उनके लिए परेशानी का सबब बनेगी। पिछले कुछ दिनों से सभी परिवार सहमे हुए हैं।
शनिवार रात को तेज बारिश के बाद नाले पानी से भर गए हैं। अभी तक नाले से अपनी बाहर नहीं निकला है, लेकिन दो तीन बार तेज बारिश होने के बाद जल निकासी न होने पर पानी उनके घरों के अंदर पहुंच कर नुकसान पहुंचाएगा। कई बार नाले को साफ करने और रेलवे ट्रैक से निकलने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग को प्रशासन के अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया है। इस बार भी बरसात में अगर पानी उनके घरों के अंदर पहुंचता है तो इसके लिए पूरी तरह से प्रशासन जिम्मेदार होगा।