नान कैंप में रहने वाले कश्मीरी पंडितों को दो महीने से राशन नहीं मिलने की समस्या को सीएपीडी मंत्री ने गंभीरता से लिया है। फूड सिविल सप्लाई एंड कंज्यूमर अफेयर (एफसीएससीए) मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली का कहना है कि राशन वितरण प्रणाली में सरकार ने पूरी तरह से सुधार किया है। नान कैंप में कश्मीरी पंडितों को राशन नहीं मिलने की समस्या की पूरी जांच की जाएगी करवाएगी।
नान कैंप में हजारों विस्थापित कश्मीरी पंडितों के परिवार रहते हैं। इनको कभी समय पर राशन नहीं मिलता है। इसके कारण सभी परेशानियों से जूझने को मजबूर हो चुके हैं। दूसरी तरफ सीएपीडी मंत्री का कहना है कि सरकार ने राशन की कमी की समस्या को पूरी तरह से हल कर दिया है। प्रत्येक वर्ग के लोगों को समय पर राशन मिल रहा है।
नान कैंप में रहने वाले रवींद्र रैना, सुनील रैना, राकेश पंडिता और अन्य कश्मीरी पंडितों ने बताया कि करीब छह महीने से राशन वितरण पूरी तरह से प्रभावित है। जहां कश्मीरी पंडितों को कई बार राशन डिपो के चक्कर लगाने के बाद ही राशन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दिसंबर और जनवरी का उनको राशन अभी तक नहीं मिला है। जबकि हर रोज राशन डिपो के चक्कर लग रहे हैं।
राशन नहीं मिलने के कारण सभी आसमान छूती कीमतों में बाजार से राशन लेकर गुजारा करने को मजबूर हो चुके हैं। घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ चुका है। कुछ दिनों के बाद शिवरात्रि का त्योहार है और अगर राशन नहीं मिला तो परेशानी कई गुणा बढ़ जाएगी।
कैंप के कश्मीरी पंडितों को नहीं मिली चीनी
कैंप में रहने वाले कश्मीरी पंडितों को इस महीने सरकार ने चीनी नहीं दी है, जिसको लेकर कश्मीरी पंडित काफी रोष में हैं। सुनील पंडिता ने कहा कि जब भी महाशिवरात्रि का पर्व आता है तो उनके लिए परेशानियों को बढ़ा दिया जाता है। कश्मीरी पंडितों के महाशिवरात्रि का पर्व सबसे बड़ा पर्व है और कई दिन कश्मीरी पंडितों का राशन का इंतजाम करने में ही लग जाते है।
नान कैंप में कश्मीरी पंडितों को अगर राशन नहीं मिलने की परेशानी है तो उसकी पूरी जांच की जाएगी। अगर किसी अधिकारी की कोई गलती होगी तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- चौधरी जुल्फकार अली, मंत्री, एफसीएससीए