उधमपुर। नगर के वार्ड 12 के चबूतरा बाजार व इसके आसपास के क्षेत्रवासी इन दिनों बंदरों से परेशान हैं। क्षेत्र में बंदरों की संख्या और उत्पात काफी बढ़ गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित है।
लोग बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतराते हैं। अकेली महिलाओं पर भी हमला कर बंदर उनका सामान छीन लेते हैं। घर के बरामदे में खाने-पीने का सामान रखना मुश्किल हो गया है। घरों को लौटते वक्त हाथों में पकडे़ सामान को छीनने की वारदातें आम हो गई हैं। अब तक कई लोगों को हमला कर बंदरों ने जख्मी भी किया है। उन्होंने कच्चे घरों की छतों, बिजली के तारों और पानी की पाइपों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है।
बीते दिनों बंदरों के उत्पात से एक घर की टीन की छत गिर गई थी, जिसमें सो रहे छोटे बच्चे को बचाने के लिए मां घायल हो गई थी। इसके बावजूद प्रशासन इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। क्षेत्रवासी इससे बहुत परेशान हैं। इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन व वन्य जीव विभाग से अपील की है कि जल्द इन बंदरों को पकड़ कर जंगल में छोड़ा जाए।
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लगभग पांच साल से हम इस समस्या से जूझ रहे हैं। हाल में बंदर ज्यादा बढ़ गए हैं। बंदरों के झुंड दिनभर इलाके में उत्पात मचाते हैं। मौका लगते ही घर के बाहर रखी चीजों और खिड़की-दरवाजों को तोड़ देते हैं। मेरी छत पर रखी पानी की टंकी की भी बंदरों ने बुरी हालत कर दी है। पाइपों को तोड़ दिया है।
- मनोज वर्मा, स्थानीय निवासी
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बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जिसके चलते बंदर टोलियां बनाकर घूमते रहते हैं। हर समय क्षेत्रवासियों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर चौकस रहना पड़ता है। प्रशासन से अपील है कि बंदरों को पकड़ कर जंगल में छोड़ा जाए।
- अशोक कुमार, स्थानीय निवासी
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बंदरों से दुकानदार भी काफी परेशान हैं। दुकानों के बाहर रखे सामान को उड़ाकर चंपत होना इनका प्रतिदिन का है। दुकान के बाहर खाने पीने का सामान सजाना मुश्किल है। मजबूरी में सामान को दुकान में छुपाकर ही रखना पड़ रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
- अशोक कुमार, चूड़ी विक्रेता
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क्षेत्र में हर कोई इस समस्या से परेशान है। बीते दिनों एक टीन के मकान की छत बंदरों ने तोड़ डाली। इस हादसे में घर में सो रहे बच्चे को बचाने के दौरान उसकी मां घायल हो गई। प्रशासन को यह समस्या बताई गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिला प्रशासन से अपील है कि जल्द समस्या से निजात दिलाए।
- सचिन पचियाला, स्थानीय निवासी
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कुत्तों व बंदरों की परेशानी को पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री के सामने रखा था। उन्होंने इसको लेकर योजना बनाने का आश्वासन दिया था। इनकी नसबंदी के लिए न तो वेटरनरी विभाग में पर्याप्त स्टाफ है, और न ही नगर परिषद के पास फंड व अन्य सुविधाएं हैं। इसलिए, अभी तक नगर परिषद इसको लेकर कुछ कर नहीं पा रहा है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर