उधमपुर। शहर की गंदगी बाहर फेंकने पर पैदा हुए विवाद का कोई हल मंगलवार को भी नहीं निकला। 10वें दिन भी शहर में गंदगी के ढेर लगे रहे। मामले पर गंभीरता दिखाते हुए अब उपायुक्त ने पुलिस, नप और प्रशासन के साथ बुधवार को बैठक करने का फैसला लिया है। इसमें कोई ठोस समाधान की संभावना है।
शहर की गंदगी को सुई में फेंकने का स्थानीय निवासी विरोध कर रहे हैं। इसी कारण नप 10 दिन से गंदगी को शहर के अंदर ही जमा करने को मजबूर है। शहर से निकलने वाली गंदगी को नप कर्मचारी डंपिंग स्टेशन में जमा करते हैं। फिर बड़े वाहनों से गंदगी को शहर से बाहर सुई इलाके में फेंका जाता है। 10 दिन से कर्मचारी विभिन्न स्थानों से गंदगी जमाकर डंपिंग स्टेशनों में जमा कर रहे हैं। इसलिए, डंपिंग स्टेशन अब गंदगी के पहाड़ में तब्दील होने लगे हैं।
उम्मीद थी कि मंगलवार को प्रशासन बैठक कर इसका कोई हल निकाल लेगा। लेकिन, ऐसा हो न सका। सूत्रों के अनुसार नप सीईओ अमित चौधरी ने इस परेशानी को लेकर डीसी से मुलाकात की। इस दौरान निर्णय लिया गया कि बुधवार को डीसी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के साथ बैठक कर जरूरी निर्णय लिए जाएंगे। फिलहाल गंदगी के कारण शहरवासी परेशान हैं। गंदगी के कई ढेर बाजार के बीच लगे हैं। इसके कारण लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
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गंदगी फेंकने की परेशानी का मंगलवार को भी समाधान नहीं हो सका है। नप लगातार प्रशासन से गंदगी के लिए नए स्थान की मांग कर रही है। अगर नया स्थान मिल जाता है तो वहां गंदगी फेंकना शुरू किया जाएगा। बुधवार को डीसी की अध्यक्षता में बैठक होने वाली है। इसमें कुछ जरूरी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, अध्यक्ष, नगर परिषद, उधमपुर