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अनुसूचित जनजातियों व पहाड़ियों के लिए राजनीतिक आरक्षण जम्मू कश्मीर के इतिहास में मील का पत्थर--आरएस पठानिया (प्रदेश प्रवक्ता भाज

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उधमपुर/मजालता। कम्युनिटी हॉल देहमा (मजालता) में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणबीर सिंह पठानिया की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें पार्टी में शामिल हुए गुज्जर-बकरवाल समुदाय के नए सदस्य भी मौजूद रहे।
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इस दौरान पठानिया ने कहा कि प्रदेश में एसटी वर्ग को राजनीतिक आरक्षण और वनाधिकार अधिनियम की मंजूरी देकर सरकार ने एसटी वर्ग को सशक्त बनाने का काम किया है। वे दिन गए जब एसटी समुदाय को केवल चुनावी चारा समझा जाता था। प्रदेश में दूसरी पार्टियों ने एसटी के लिए राजनीतिक आरक्षण और वनाधिकार अधिनियम के लाभों को निजी फायदे के लिए जानबूझकर अस्वीकार कर देरी की।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के चलते अत्याचार निवारण (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) अधिनियम 1989 जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं था। बार-बार आश्वासन के बावजूद पहाड़ी भाषी लोगों को आरक्षण से वंचित किया जाता रहा। प्रदेश में हमेशा अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पहाड़ियों का शोषण किया जाता रहा है।
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प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने स्थिति बदल दी है। आज संदेश और रुख स्पष्ट है कि सरकार समाज के पिछड़े और हाशिए के वर्गों को भी प्राथमिकता देगी। इस मौके पर गुज्जर बकरवाल समुदाय के कई लोग भी पार्टी में शामिल हुए। इनमें मुख्य रूप से फरीद अहमद, यासिर खान, अब्दुल राशिद, मोहम्मद सरदार, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद अशरफ, मोहम्मद शफी, मुश्ताक अली और लियाकत अली शामिल हैं।
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