नगर परिषद के अधीन वार्ड नंबर 17 में सीआरपीएफ कैंप परिसर से होगा संचालन, प्रशासन की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया, रोजगार और विकास के बढ़ेंगे अवसर
उधमपुर। देविका नगरी उधमपुर में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मुख्य बस स्टैंड को वार्ड नंबर 17 स्थित ओमाड़ा मोड़ में सीआरपीएफ कैंप परिसर में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। जिससे शहरवासियों सहित सैंकड़ों की संख्या में जिला मुख्यालय में आने वाले अंतर जिला व ग्रामीण यात्रियों को भी काफी लाभ मिलेगा।
मौजूदा समय में शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित बस स्टैंड की वजह से आए दिन यातायात अव्यवस्था उत्पन्न होती रहती है। खासकर सिटी लाइट चौराहे, टाउन हाल रोड, पुलिस थाना उधमपुर रोड और एमएच चौक से लेकर टाउन हाल तक जाम की स्थिति उत्पन्न होती रहती है। उस पर लगातार बढ़ रही रेहड़ी फड़ी वालों की संख्या की वजह से अस्थायी अतिक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से कई प्रयास किए जाते रहे हैं लेकिन बावजूद इसके अब तक समस्या से निजात नहीं मिल पाई है। लेकिन अब की बार प्रशासन ने संबंधित विभाग व शहरवासियों के साथ मिलकर स्थायी समाधान का निर्णय लिया है। इसके तहत ओमाड़ा मोड़ स्थित सीआरपीएफ बटालियन को वहां से शिफ्ट किया जाएगा और उस स्थान पर मुख्य बस स्टैंड को स्थापित किया जाएगा। जिससे मुख्य बाजारों में भीड़ भाड़ की स्थिति से भी निजात मिल पाएगी और जिले के विभिन्न हिस्सों सहित बाहरी जिलों से आने वाली बसों को शहर के बीचोंबीच भीड़ भाड़ वाले इलाकों में भी प्रवेश नहीं करना पड़ेगा।
यह है योजना
बस स्टैंड को ओमाड़ा मोड़ में स्थानांतरित करने के बाद टाउन हाल स्थित रेंबल-घड़ी, चिनैनी रूट के मेटाडोर स्टैंड पर बस स्टैंड में स्थापित किया जाएगा। जिससे टाउल हाल के पास मेटाडोर स्टैंड की जगह खाली होने पर शहर में जगह-जगह फैले असंगठित कारोबार के लिए वेंडिंग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। जिससे गोल मार्केट, मुकर्जी बाजार, रामनगर चौक, कोर्ट रोड और सलाथिया चौक पर रेहड़ी फड़ी वालों के कारण अस्थायी अतिक्रमण से भी निजात मिल पाएगी। खासकर जहां शहर का कारोबार यातायात व्यवस्था दुरुस्त होने से पहले से ओर बेहतर हो पाएगा तो वहीं शहर के ही ओमाड़ा व आसपास के इलाकों में रोजगार व विकास के साधन बढ़ें गए।
रोजाना 8 जिलों के बीच 130 बसों का होता हैं संचालन
मौजूदा समय में बस स्टैंड से उधमपुर, रामनगर, चिनैनी, मजालता, पंचैरी, मोंगरी, लांदर, लाटी, बसंतगढ़, पत्नीटाप, कुद, कटड़ा, रियासी सहित बनिहाल रूट पर रामबन, किश्तवाड़ और डोडा जिला सहित जम्मू, बिलावर, बसोहली आदि इलाकों के लिए रोजाना 130 बसों का संचालन होता है। जिसके लिए मुख्य बस स्टैंड पर मात्र 6 से 7 कनाल जगह उपलब्ध है जो बसों के संचालन के लिए प्रयाप्त नहीं हैं। जिसकी वजह से कभी कभार बस स्टैंड के बाहर पुलिस स्टेशन तक जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में ओमाड़ा में मुख्य बस स्टैंड के मुकाबले तीन गुणा अधिक स्पेस उपलब्ध हो पाएगा और पुराने राजमार्ग से सटे होने के कारण जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो पाएगी। संवाद
मेटाडोर स्टैंड के खाली होने पर उसे सही ढंग से विकसित कर वेंडिंग जोन बनाया जाएगा। ताकि शहर में जगह-जगह फैले असंगठित कारोबार को भी संगठित किया जा सके। इसके लिए सिर्फ लाइसेंस धारकों को ही प्राथमिकत दी जाएगी।
- राजेंद्र डींगरा, सीईओ नगर परिषद
बस स्टैंड को ओमाड़ा में शिफ्ट किए जाने से भीड़ भाड़ की स्थिति से निजात मिलेगी। जिसकी वजह से शहर वासियों सहित जिला मुख्यालय पहुंचने वाले प्रत्येक वर्ग प्रभावित हो रहा है और मौजूदा बस स्टैंड पर मेटाडोर स्टैंड स्थापित करने से स्थानीय कारोबार में भी बढ़ोतरी होगी। -जतिंद्र बरमानी, अध्यक्ष व्यापार मंडल।
प्रशासन का फैसला सराहनीय
प्रशासन के फैसले का स्वागत करते हैं। इस फैसले से बसों के संचालन के दौरान लगातार पैदा होने वाली अव्यवस्था और परेशानी से भी चालकों को निजात मिलेगी। खासकर उचित जगह मिलने से बसों को भी सही ढंग से बस स्टैंड पर व्यवस्थिति किया जा सकेगा।
- रामदेव सिंह, प्रधान बस स्टैंड यूनियन
शहर को भीड़भाड़ से मुक्त करने और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। जिसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे शहर व आसपास के इलाकों को भी विकसित करने में काफी लाभ मिलेगा।
- सलोनी राय, डीसी उधमपुर