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प्राचीन शिव मंदिर में लगेगा महाशिवरात्रि मेला

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उधमपुर के जिब में मौजूद प्राचीन मंदिर, जहां मेला का होगा आयोजन - फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर/जिब। जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर जिब गांव में भगवान शिव के प्राचीन मंदिर में दो वर्ष बाद महाशिवरात्रि के अवसर पर मंगलवार को मेला लगेगा। इसको लेकर तैयारियां तेज हैं और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इस मंदिर का निर्माण और शिवलिंग के रूप में खोज एक ग्वाले ने की थी।
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जिब में शिवमंदिर में हर वर्ष महाशिवरात्रि पर भव्य मेला लगता है और मेले में हिस्सा लेने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु आते हैं। 2021 में कोरोना के कारण मेले का आयोजन नहीं हो सका था। लेकिन इस बार कोरोना से राहत मिलने के बाद मेला की तैयारियां शुरू हैं। मौजूदा समय में तैयारियां चल रही हैं। मंदिर के इतिहास की जानकारी देते हुए महंत हेमराज ने बताया कि करीब 27 सौ वर्ष पहले जिब इलाके में एक ग्वाला हुआ करता था। उसकी एक गाय दूध नहीं देती थी। उसने गाय का कई प्रकार से उपचार किया, लेकिन गाय ने दूध नहीं दिया। एक दिन उसने देखा कि गाय के थन से दूध निकल रहा है और थन के नीचे शिवलिंग पड़ा है। उसको पता नहीं चला कि यह भगवान शिव का शिवलिंग है। उसने गाय को हटाने के लिए पत्थर मारा और पत्थर गाय के बजाए शिवलिंग को जा लगा। जिसके बाद शिवलिंग से खून निकलने लगा। उसको समझ आ गया कि यह कोई मामूली पत्थर नहीं है। ग्वाले की आंखों से आंसू निकलने लगे और शिवलिंग के आगे नतमस्तक हो गया। देखते ही देखते शिवलिंग के अंदर से भगवान शंकर प्रकट हुए और उन्होंने ग्वाले को गले से लगा लिया। इसके बाद ग्वाले ने अपने परिवार को पूरी बात बताई और शिवलिंग के स्थान पर मंदिर का निर्माण किया। महंत ने बताया इस बार महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर के स्थान पर मेले का आयोजन होगा है और भगवान शंकर के दरबार में भक्तों को सैलाब उमड़ेगा। उनकी सभी से अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए ही मेले में आए।

उधमपुर के जिब में मौजूद प्राचीन मंदिर, जहां मेला का होगा आयोजन- फोटो : UDHAMPUR

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