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Udhampur News: उधमपुर और रियासी में 2982 मामलों का निपटारा, 2.74 करोड़ की समझौता राशि तय

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उधमपुर/रियासी। राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को इस साल की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। रियासी और उधमपुर में 2,982 लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया। 2.74 करोड़ की समझौता राशि पर मुहर लगी, जिससे वादियों को वर्षों पुरानी कानूनी उलझनों से राहत मिली।
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उधमपुर न्यायालय परिसर में लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना रेवो और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश यशपाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। डीसी मिंगा शेरपा ने न्यायिक अधिकारियों और बार सदस्यों के साथ बातचीत की। पूरे जिले में सात बेंचों का गठन किया गया। 1278 में से 661 मामलों का निपटारा हुआ। 1.68 करोड़ रुपये की समझौता राशि तय की गई। तहसील स्तर पर रामनगर, मजालता और चिनैनी में भी लोक अदालतें लगीं।
रियासी के न्यायालय परिसर में प्रदर्शनी भी लगी
रियासी में डीएलएसए अध्यक्ष खलील अहमद चौधरी के मार्गदर्शन और सचिव पूजा गुप्ता के नेतृत्व में लोक अदालत लगाई गई। यहां न्यायिक कार्यों के साथ-साथ सामाजिक सरोकार भी देखने को मिला। जिले भर में 16 विशेष पीठों का गठन किया गया, जिसमें एडीसी, एसीडी, तहसीलदार, डीएफओ और एआरटीओ जैसे प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की। 3105 मामलों की सुनवाई हुई जिनमें 2321 मामलों का निपटारा किया गया। समझौता राशि 1.06 करोड़ रुपये रही। हस्तशिल्प विभाग के सहयोग से न्यायालय परिसर में प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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कहां-कितने आए और निपटाए मामले
विवरण
उधमपुर
रियासी
कुल

निपटाए मामले
661
2321
2982

समझौता राशि
1.68 करोड़ 1.06 करोड़ 2.74 करोड़
गठित बेंच
7
16
23

इन मामलों में मिली राहत
लोक अदालत में मुख्य रूप से वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस, दीवानी व फौजदारी मामले, मोटर वाहन अधिनियम, बैंक वसूली और राजस्व से संबंधित लंबित फाइलों का निपटारा किया गया। अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य सुलह और मध्यस्थता के माध्यम से त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है ताकि लंबित मुकदमों का बोझ कम हो सके। लोक अदालत में हुआ फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कहीं अपील नहीं होती, जिससे वादियों के समय और धन दोनों की बचत होती है।
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