कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) प्रशासन और छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद देर रात को पुलिस बल का प्रयोग किया गया है। इसमें कई एबीवीपी कार्यकर्ता घायल हुए हैं वहीं कई को हिरासत में लिया गया है। उन्हें बाद में छोड़ दिया गया। उधर, छात्रों के बढ़ते विरोध के चलते विवि प्रशासन ने मांगों को मानने का आश्वासन दिया है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को कोरोना को लेकर लगाई गई पाबंदियों के चलते छात्र भड़क गए थे। इस दौरान रात को प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया था और प्रशासन पर प्रबंधन और छात्रों के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। बाद में देर रात प्रदर्शन उग्र हो गया था। वहीं, उनके समर्थन में देर रात एबीवीपी के कार्यक्रर्ता भी पहुंच गए थे। रात करीब दो बजे प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाठीचार्ज भी किया था, जिसमें कुछ छात्र घायल हुए थे और कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। वुधवार शाम को एसएमबीडीयू के छात्र-छात्राओं ने विश्वविधालय प्रशासन पर कोविड नियमों के नाम पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। इसमें बताया था कि कोविड नियमों के नाम पर उन्हें छुट्टी के दिन भी गेट से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है।
आसपास के छात्रों को भी घरों को नहीं जाने दिया जा रहा। वह होस्टल में कैद हो गए हैं। इसके विपरीत विवि का आधे से अधिक स्टाफ रोजाना जम्मू से आवागन कर रहा है। वहीं, एबीवीपी जम्मू कश्मीर के प्रदेशमंत्री मुकेश मन्हास, विभाग संगठन मंत्री अविनाश सेठी, अक्षय प्रधान, नीतीश उपाध्याय, ऋषभ बाली, नरेश ललहाल एवं नितिन शर्मा को हिरासत में लिए जाने के बाद छोड़ दिया है। लाठीचार्ज के दौरान तीन कार्यकर्ता अक्षय प्रधान, नीतीश उपाध्याय, ऋषभ बाली की गहरी चोटों के कारण तबीयत बिगड़ने पर नारायणा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाद में विद्यार्थियों का विरोध को देखते हुए विवि प्रशासन ने सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। वीरवार दिनभर माहोल शांत रहा।
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री मुकेश मन्हास ने कहा कि अगर विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों के साथ यह व्यवहार बंद नहीं किया तो वह प्रदेशभर आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे।