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पढ़ाई को तरसती मासूम लक्ष्मी, लाचार हैं माता-पिता, मांगती है भीख

Wed, 20 Apr 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उधमपुर
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मासूम लक्ष्मी अपने लाचार मां-बाप के साथ। - फोटो : अमर उजाला
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दस वर्षीय मासूम लक्ष्मी पढ़ना चाहती है। पर वक्त और हालातों से मजबूर लक्ष्मी को भीख मांगने पर मजबूर होना पड़ रहा है। लक्ष्मी की मां जन्मजात दृष्टिहीन है और पिता पिछले छह साल से विकलांगता का शिकार है। ऐसे में अपने और मां-बाप के गुजारे के लिए लक्ष्मी भीख मांग रही है।
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लक्ष्मी के पिता जानकी दास करीब 40 साल पहले नेपाल से भारत काम की तलाश में आया था। कुछ साल तक उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में मजदूरी कर अपना गुजारा चलाया। करीब 12 वर्ष पहले जानकी दास ने यूपी की ही रहने वाली दृष्टिहीन गीता देवी से शादी कर ली। शादी से उनके घर पहली लड़की हुई, जिसका नाम उन्होंने लक्ष्मी रखा।

दूसरा लड़का हुआ जिसका नाम रवि रखा। साल 2010 में लक्ष्मी के पिता को दाईं बाजू में लकवा (पैरालासिस) मार गया। इसके चलते जानकी दास का काम भी छूट गया। वर्ष 2012 में लक्ष्मी का पूरा परिवार पंजाब के फगवाड़ा आ गया। फगवाड़ा में लक्ष्मी को एक सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए डाला गया। लक्ष्मी के मां-बाप उसे भीख मांगकर पढ़ा रहे थे।
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लक्ष्मी की पढ़ाई अभी पहली कक्षा तक ही हो पाई थी कि उनके परिवार को मकान मालिक ने किराया नहीं दे पाने के कारण निकाल दिया। उसके बाद उन्हें रहने की जगह नहीं होने के कारण दरबदर होना पड़ रहा है। अब एक अच्छे भविष्य की तलाश में लक्ष्मी और उसका परिवार उधमपुर पहुंचा।

'भीख मांगने में मुझे शर्म आती है'
छोटी उम्र के बावजूद लक्ष्मी बहुत तेज-तर्रार है। वह कहती है मुझे पढ़ने का बड़ा शौक है। मासूमियत से उसने यह भी कहा कि मुझे भीख मांगने से शर्म आती है। पता नहीं उसे फिल्म स्टार रणवीर कपूर के बारे में कैसे पता चला। उसने कहा कि वह रणवीर कपूर से मिलना चाहती है। क्योंकि उसने कहीं टीवी पर सुना था कि रणवीर कपूर बेसहारा बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाते हैं। लक्ष्मी रणवीर कपूर का फोन नंबर चाहती है।

हर जरूरी मदद करेंगे
इस मसले पर डीसी से व्यस्तता के कारण सोशल मीडिया के जरिये बात की गई। डीसी शाहिद इकबाल ने कहा कि लक्ष्मी की पढ़ाई और अन्य जरूरतों के लिए जो जरूरी होगा वह जरूर करेंगे। शिक्षा हर बच्चे का संवैधानिक अधिकार है।
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