उधमपुर। रामनगर के कघोट में हुए बस हादसे के बाद परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। नए नियमों और परमिट प्रक्रिया में बदलाव से सुरक्षा पर जोर दिया जा रहा है लेकिन कम गाड़ियों वाले रूट पर आम यात्रियों और स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभाग ने विभिन्न स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के चालान और वाहन जब्त किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे रोकने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह कदम जरूरी था।
सख्ती का असर उन रूटों पर सबसे ज्यादा दिख रहा है जहां पहले से ही बसें कम थीं। अब वाहनों की और कमी हो गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों और दैनिक यात्रियों को समय पर बस नहीं मिल रही। घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। समस्या को देखते हुए एआरटीओ मुद्दसिर इकबाल ने ट्रांसपोर्टरों से कम बस वाले रूट पर वाहन चलाने के लिए आवेदन मांगे हैं। उन्होंने कहा कि आवेदन के एक हफ्ते के भीतर परमिट जारी कर दिया जाएगा।
परमिट का दायरा घटा
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रशपाल सिंह ने बताया कि अब एआरटीओ से जारी परमिट केवल जिले के अंदर ही मान्य होगा। पहले जम्मू के बनिहाल से बना परमिट कई रूटों पर चलता था। विभाग के अनुसार यह बदलाव व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए किया गया है। वहीं डीएसपी (ट्रैफिक) पंकज सूदन ने बताया कि तेज रफ्तार वाहनों पर नकेल कसने के लिए पुलिस आधुनिक स्पीड गन का उपयोग शुरू कर रही है। कई जिलों में वाहनों की गति मापी गई है। जल्द ही उधमपुर में भी स्पीड गन लगाई जाएगी। ओवरस्पीड वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी।