रामबन। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने केंद्र सरकार से परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग की। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की भी अपील की।
शनिवार को आजाद रामबन में एक विशाल सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अनुच्छेद 370 के निरसन की आलोचना की। कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने के बाद जम्मू कश्मीर पिछड़ा हुआ है। कोई पार्टी कल्पना नहीं कर सकती थी कि जम्मू कश्मीर दो हिस्सों में बंट जाएगा, जिसे दुनिया भर में जाना जाता था।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर केंद्र शासित प्रदेशों को राज्यों में बदला जाता है। लेकिन, यहां राज्य को बिना किसी कारण तोड़ दिया गया। केंद्र सरकार को जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देना चाहिए, और बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान करना चाहिए। आजाद ने कहा कि उन्होंने खुद संसद में भी इस कदम का असंवैधानिक होने का विरोध किया है।
आजाद ने कहा कि चिनाब क्षेत्र का सांप्रदायिक सद्भाव प्रशंसा के लायक है। हिंदू, मुस्लिम, सिख रामबन क्षेत्र में एक साथ रहते हैं। आजाद ने इस उद्देश्य के लिए सभी कानूनी औपचारिकताओं को अपनाने के बावजूद लोगों को इस भूमि से वंचित करने के लिए रोशनी अधिनियम के तहत आवंटित भूमि के मुद्दे के संबंध में प्रशासन की ओर से अपनाए वर्तमान कदम की आलोचना की।
आजाद ने दावा किया कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर में सड़क संपर्क यूपीए के पहले और दूसरे कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं जैसे रसोई गैस सिलेंडर, सरसों का तेल, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी मुख्य दुश्मन गरीबी है। मुख्य लड़ाई (जिहाद) देश में गरीबी और बेरोजगारी के खिलाफ है। इस अवसर पर बोलने वाले अन्य नेता विकार रसूल वानी, मंहूर लाल शर्मा, जुगल किशोर, जीएम सरूरी, अरुण सिंह राजू, आदि थे।