कटड़ा। कुन्न द्रौड़ियां रेलवे स्टेशन के समीप आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक सुभाष शास्त्री ने भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म, सदाचार और मानवीय मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
सुभाष शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी है। इसके श्रवण से मनुष्य को सत्य, प्रेम, करुणा, सेवा और त्याग जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। भगवान के प्रति सच्ची श्रद्धा और विश्वास मन को शांति प्रदान करते हैं तथा जीवन की कठिन परिस्थितियों का धैर्य के साथ सामना करने की शक्ति देते हैं। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य अनेक जिम्मेदारियों के बीच उलझकर आध्यात्मिक चिंतन से दूर होता जा रहा है। ऐसे में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से व्यक्ति को आत्मचिंतन करने और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर मिलता है। भागवत कथा की शिक्षाओं को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उन्हें अपने व्यवहार में भी उतारना चाहिए।