फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेडल लेते ही नम हुई शहीदों के परिजनों की आंखे

विज्ञापन
विज्ञापन
उधमपुर। उत्तरी कमान में आयोजित अलंकरण समारोह में 19 शहीदों को वीरता सेना पदक से सम्मानित किया गया। इनके परिवार के सदस्यों ने ये पदक लिए। देश के विभिन्न हिस्सों से किसी की पत्नी, किसी की मां और किसी के पिता पदक लेने कार्यक्रम में पहुंचे थे। जब इन शहीदों के नाम की घोषणा हुई तो पूरा ध्रुव प्रेक्षागृह तालियों के साथ गूंज उठा।
विज्ञापन

कार्यक्रम के आरंभ में पहले शहीद मेजर मयंक बिश्नोई को वीरता सेना पदक प्रदान किया गया। पदक लेने उनकी पत्नी स्वाति गुप्ता पहुंची थीं। विशेष सूचना मिलने पर शहीद मेजर मयंक ने अपनी पार्टी का नेतृत्व करते हुए घेराबंदी में फंसे 12 नागरिकों को गोलाबारी के बीच से बाहर निकाला था। इस दौरान आतंकवादियों ने उनकी पार्टी पर अंधाधुंध गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई में मेजर ने एक आतंकी को मार गिराया।
शहीद सूबेदार सुखदेव सिंह का वीरता सेना पदक पत्नी संगीता संब्याल को दिया गया। नौशेरा इलाके में नियंत्रण रेखा पर दुश्मन ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए चौकियों पर गोलीबारी की। सूबेदार ने जवाबी कार्रवाई में रेंगते हुए पोस्ट से आगे बढ़ने और कारगर फायर से दुश्मन की फायरिंग पोजीशन को प्रभावी ढंग से नष्ट कर दिया। इसी दौरान वह घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हुए।
विज्ञापन

नायक सूबेदार राजविंदर सिंह का वीरता सेना पदक पत्नी मनप्रीत कौर को दिया गया। 29 अगस्त 2020 की रात को राजविंदर सिंह ने आतंकियों के पोस्ट के अंदर आने के प्रयास को विफल किया। आमने सामने की लड़ाई में एक आतंकी को उन्होंने मार गिराया। इस दौरान वह घायल हुए और उन्होंने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
हवलदार गोकरण सिंह का वीरता सेना पदक उनकी पत्नी गीता देवी को दिया गया। 1 मई 2020 को दुश्मन की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन के दौरान वह सर्विलांस पोस्ट के कमांडर थे। उन्होंने दुश्मन की चौकियों पर सटीक मोर्टार दगवाए जिससे दुश्मन की चौकियों को भारी नुकसान हुआ। कार्रवाई के दौरान दुश्मन की तोप का गोला उनके नजदीक आकर गिरा और वह देश के लिए वीरगति को प्राप्त हो गए।
इसी तरह हवलदार हरधन चंद्र राय का वीरता सेना पदक उनकी पत्नी बोकुल राय को दिया गया। 13 नवंबर 2020 को दुश्मन की ओर से संघर्ष विराम के हुए उल्लंघन के दौरान वह मोर्टार टुकड़ी में नंबर एक रूप में तैनात थे। उन्होंने पाकिस्तान की चौकियों को सटीक व प्रभावी फायर से नष्ट कर दिया। इसी दौरान उन्होंने सैनिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
नायब सूबेदार रविंद्र का वीरता सेना पदक पत्नी राजवंती देवी को दिया गया। 31 दिसंबर 2020 को नियंत्रण रेखा पर दुश्मन की तरफ से संघर्ष विराम के दौरान स्वचालक हथियार का कारगर फायर कर उन्होंने दो दुश्मनों को मार गिराया। इसी दौरान वह अपने साथियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।
वहीं, पैरा ट्रूपर बालकृष्ण का वीरता सेना पदक उनकी माता इंदिरा देवी को दिया गया। बालकृष्ण घुसपैठ विरोधी दस्ते के अग्रिम स्काउट थे। ऑपरेशन के दौरान दस्ते ने घुसपैठ करने वाले समूह का सामना किया। आतंकियों ने उनके दस्ते पर भारी गोलीबारी की। इस दौरान उनको कई गोलियां लगीं। इसके बावजूद वह लड़ते रहे और दो आतंकियों को मारकर वीरगति को प्राप्त हुए। इसी तरह नायक राजेश कुमार का वीरता सेना पदक माता बादामी देवी को दिया गया। राजेश घेराबंदी ऑपरेशन में तैनात थे। आतंकवादियों के नागरिकों को बंदी बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अंधाधुंध गोलीबारी के बीच से कई नागरिकों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए और वीरगति को प्राप्त हो गए।
------
इनको भी मरणोपरांत सम्मान
शहीद नायक गुरचरण सिंह का पदक पत्नी रंजीत कौर, पैरा ट्रूपर छत्रपाल सिंह का पदक माता शशिकला, सिपाही प्रशांत शर्मा का पदक माता रीता देवी, लांस नायक दिनेश सिंह का पदक पिता गोधन सिंह, लांस नायक राज सिंह का पदक पत्नी राविता, गनर भूपेंद्र का पदक पत्नी रेखा, स्वार जिलाजीत यादव का पदक पत्नी पूनम देवी, सिपाही राहित कुमार का पदक पिता रसोल सिंह, पैरा ट्रूपर अमित कुमार का पदक माता भागवनी देवी, सिपाही राहुल रैनस्वाल का पदक पत्नी पिंकी रैलस्वाल और सिपाही चंदन कुमार का पदक माता धर्मा देवी को दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें