उधमपुर। कोरोना संकट के बीच निजी स्कूलों की तरफ से वार्षिक चार्ज में बढ़ोतरी किए जाने के खिलाफ शुक्रवार को कुछ अभिभावकों ने रहमती इलाके में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पहले ही कोरोना संकट के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं और अब निजी स्कूलों ने फीस और वार्षिक चार्ज में बढ़ोतरी कर उनकी परेशानी को दोगुना कर दिया है। उनकी डीसी उधमपुर से अपील है कि फीस में बढ़ोतरी करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई कर अभिभावकों को राहत प्रदान की जाए।
दोपहर करीब 12 बजे लोगों ने एकजुट होकर निजी स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने बताया कि निजी स्कूलों में शिक्षा का नया सत्र शुरू होने जा रहा है। नए सत्र के लिए जब अपने बच्चों की एडमिशन के लिए निजी स्कूलों में पहुंचे तो कुछ निजी स्कूलों ने फीस में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी कर दी है। फीस इतनी अधिक बढ़ गई है कि उनके लिए इसका इंतजाम करना मुश्किल हो जाएगा। कोरोना संकट के कारण कई लोग आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। उनके लिए अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। वहीं बच्चों की फीस के साथ वार्षिक चार्ज में बढ़ोतरी कर परेशानी को दोगुना कर दिया है। इसका सभी विरोध करते हैं। जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है। इसमें अब राज्यों की तरह ही नियम लागू होंगे। विद्यार्थी से एक बार ही एडमिशन ली जा सकती है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के निजी स्कूलों में हर वर्ष एडमिशन फीस वसूली जा रही है। वार्षिक चार्ज में भी लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। इससे मध्यम वर्गीय परिवारों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इसलिए उनकी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से अपील है कि ज्यादा फीस वसूलने वाले स्कूलों पर नकेल कसी जाए।