उधमपुर। शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण पहल के तहत गरीब, अनाथ और बीपीएल परिवारों के छात्रों को फ्री कोचिंग देने का निर्णय लिया है। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय उधमपुर की तरफ से जारी आदेश में फ्री आनलाइन कोचिंग प्रोग्राम में कम भागीदारी पर चिंता जताई गई। सभी सरकारी और निजी स्कूलों को इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी उधमपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार फ्री आनलाइन कोचिंग प्रोग्राम में छात्रों की भागीदारी फिलहाल काफी कम पाई गई है। इसको ध्यान में रखते हुए सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थानों में इस योजना को गंभीरता से लागू करें और छात्रों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित करें।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रबंधन स्वयं छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखें और समय-समय पर फालोअप कर उनकी भागीदारी बढ़ाएं। खास तौर पर 11वीं, 12 वीं और 12 वीं पास (विज्ञान) के छात्रों को इस योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है। छात्रों को ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से नियमित कक्षाओं में भाग लेने के लिए मार्गदर्शन देने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, स्कूलों को अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर छात्रों की निरंतर भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और सभी संस्थानों को तीन दिनों के भीतर भागीदारी की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
योजना का उद्देश्य
फ्री ऑनलाइन कोचिंग योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण महंगे कोचिंग कोर्स नहीं कर पाते। इस योजना के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। यह पहल छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए बेहतर तैयारी का अवसर प्रदान करती है, जिससे उनका भविष्य मजबूत और उज्जवल बन सके।