उधमपुर। शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी उधमपुर में शनिवार को दो विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया। इन कार्यक्रमों में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित पांच दिवसीय ''''साइबर अपराध की जांच'''' प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तथा पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित अन्वेषकों के लिए पांच दिवसीय ''''महिला सुरक्षा'''' पाठ्यक्रम शामिल थे।
दोनों पाठ्यक्रमों में विभिन्न इकाइयों से कुल 48 अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें हिमाचल प्रदेश का एक अधिकारी भी शामिल था, जो अंतर-राज्यीय सहभागिता और सहयोगात्मक सीख का प्रतीक है।
समापन समारोह में अकादमी के उप निदेशक (इनडोर प्रशिक्षण) राजिंदर कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रहे। अपने संबोधन में उन्होंने अकादमी द्वारा आवश्यकता-आधारित और समकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की सराहना की। उन्होंने अपराध परिदृश्य और उभरती सामाजिक चुनौतियों के मद्देनजर साइबर अपराध जांच और महिला सुरक्षा के क्षेत्रों में निरंतर क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों और पेशेवर क्षेत्रों से आए विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों ने प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव, व्यावहारिक ज्ञान और सर्वोत्तम प्रथाएं साझा कीं। संवादात्मक सत्रों को प्रतिभागियों ने अत्यंत सराहा, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता और जांच क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को पाठ्यक्रम प्रमाण पत्र वितरित किए गए। समापन समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें प्रायोजक एजेंसियों, संसाधन व्यक्तियों और प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।
''''महिला सुरक्षा'''' पाठ्यक्रम का समन्वय वरिष्ठ पीओ रईज अहमद द्वारा किया गया, जिन्हें एसआई सरदारी लाल ने सहयोग प्रदान किया। वहीं साइबर अपराध की जांच पाठ्यक्रम का समन्वय निरीक्षक चंदर मोहन शर्मा द्वारा किया गया, जिनकी सहायता एसजीसीटी तेजिंदर चोपड़ा (सदस्य संकाय) ने की।