चिनैनी। कस्बे में बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग अपनी छत्तों पर जाने के लिए भी हाथ में डंडा लेकर जाते हैं। बावजूद इसके उनके हमले से हर रोज कोई ना कोई घायल भी हो जाता है। बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग पैदल भी गली बाजारों से अकेले में गुजरने से डरते हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग उठाई है। स्थानीय निवासी राकेश कुमार, संदीप, मदन लाल ने कहा कि कस्बे में बंदरों की संख्या हजारों में हो गई है। पूरे कस्बे में गली तथा बाजारों में देखा जाए तो बंदर अपने झुंड के साथ बैठे होते हैं। इतना ही नहीं वह लोगों पर हमला भी कर देते हैं। लोगों ने कहा कि कई बार बंदर लोगों के हाथ से खाने की चीज भी छुड़ाकर ले जाते हैं जबकि इनके काटने का मामला तकरीबन हर रोज पेश आता है।
बंदरों के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं और दुकानदारों को भी हर रोज सैकड़ों रुपए का नुकसान हो जाता है। लोगों ने यह भी कहा कि बंदरों की छ्लांग के कारण गाड़ियों की हालत भी खराब हो गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के आतंक पर काबू पाने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।